अनुराग ठाकुर के 'जमीन हड़पने' के आरोपों पर खड़गे की प्रतिक्रिया.. "अगर आरोप साबित हुए तो इस्तीफा दूंगा.."
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को कहा कि यदि बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लगाए गए 'भूमि हड़पने' के आरोप साबित होते हैं, तो वह इस्तीफा दे देंगे।
नयी दिल्ली। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को कहा कि यदि बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लगाए गए 'भूमि हड़पने' के आरोप साबित होते हैं, तो वह इस्तीफा दे देंगे।
खड़गे की आपत्ति
राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान खड़गे ने इन आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि अनुराग ठाकुर के बयान से उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उन्होंने बीजेपी सांसद से या तो अपने आरोपों को साबित करने या फिर इस्तीफा देने की मांग की।
बुधवार को लोकसभा में अनुराग ठाकुर ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पर कांग्रेस के विरोध को लेकर पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि यह विधेयक कांग्रेस की 'तुष्टिकरण राजनीति' के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।
इसके साथ ही ठाकुर ने खड़गे पर 'बिना अनुमति के जमीन हड़पने' का आरोप भी लगाया था।
राज्यसभा में खड़गे का पलटवार
गुरुवार को राज्यसभा में बोलते हुए खड़गे ने अनुराग ठाकुर से या तो अपने आरोप साबित करने या माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा, "मुझे मजबूरी में खड़ा होना पड़ा और अनुराग ठाकुर के बेबुनियाद आरोपों की निंदा करनी पड़ी। मैं सदन के नेता से माफी की अपेक्षा करता हूं। यदि अनुराग ठाकुर अपने आरोप साबित नहीं कर सकते, तो उन्हें संसद में रहने का कोई हक नहीं है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर आरोप साबित होते हैं, तो मैं खुद इस्तीफा दे दूंगा। लेकिन अगर बीजेपी मुझे डराने की कोशिश कर रही है, तो मैं झुकने वाला नहीं हूं। मैं टूट सकता हूं, लेकिन झुकूंगा नहीं।"
खड़गे की सोशल मीडिया पोस्ट
बाद में खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,
"मैं गहरे आक्रोश में हूं। मेरा जीवन संघर्षों और लड़ाइयों से भरा रहा है, लेकिन मैंने हमेशा सार्वजनिक जीवन में उच्चतम मूल्यों को बनाए रखा है। लगभग 60 वर्षों की राजनीति के बाद, मैं इस तरह के झूठे आरोपों का हकदार नहीं हूं।"
राज्यसभा अध्यक्ष का हस्तक्षेप
इस विवाद के बीच राज्यसभा अध्यक्ष जगदीप धनखड़ ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने आगे कहा, "संसद की आचार समिति को इस मामले पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।"
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