पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बड़ा आतंकी हमला, 15 सुरक्षाकर्मियों की मौत
पाकिस्तान के अशांत प्रांत Khyber Pakhtunkhwa में एक आत्मघाती हमले और घात लगाकर किए गए आतंकी हमले में कम से कम 15 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने रविवार को इस घटना की जानकारी..
पाकिस्तान के अशांत प्रांत Khyber Pakhtunkhwa में एक आत्मघाती हमले और घात लगाकर किए गए आतंकी हमले में कम से कम 15 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने रविवार को इस घटना की जानकारी दी।
यह हमला शनिवार को उत्तर-पश्चिमी जिले Bannu में हुआ। पुलिस के अनुसार विस्फोटकों से भरे एक वाहन को पुलिस चौकी की ओर आते देख सुरक्षाकर्मियों ने उस पर गोलीबारी की, जिसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ।
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के कई मकानों की छतें ढह गईं। पुलिस चौकी की इमारत भी पूरी तरह जमींदोज हो गई और कई सुरक्षाकर्मी मलबे में दब गए।
विस्फोट के तुरंत बाद बड़ी संख्या में आतंकवादियों ने पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई।
बन्नू पुलिस के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि इस हमले में 15 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस मुठभेड़ में कितने आतंकवादी मारे गए या किसी को गिरफ्तार किया गया है या नहीं।
Muhammad Sohail Afridi ने इस “आतंकी हमले” की कड़ी निंदा की और जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों के प्रति शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि उन्होंने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने पुलिस चौकी पर हुए हमले को “बेहद दुखद और कायरतापूर्ण कृत्य” करार देते हुए कहा कि ऐसे हमले पुलिस और आम जनता का मनोबल कमजोर नहीं कर सकते।
पिछले सप्ताह भी इसी तरह की एक घटना में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने South Waziristan क्षेत्र में विस्फोटकों से भरे वाहन के साथ एक चेक पोस्ट की ओर बढ़ रहे संदिग्ध आतंकवादी को मार गिराया था।
उस दौरान वाहन पास की एक इमारत से टकरा गया था, जिससे हुए विस्फोट में सात लोग घायल हो गए थे, हालांकि किसी की मौत नहीं हुई थी।
खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से आतंकवादी हिंसा, अफगानिस्तान से लड़ाकों की घुसपैठ और लगातार सैन्य अभियानों के कारण अशांति का सामना करता रहा है। यहां का पहाड़ी भूभाग और खुली सीमाएं सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
हालिया हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है। हालांकि, अतीत में पाकिस्तान सरकार प्रतिबंधित आतंकी संगठन Tehreek-e-Taliban Pakistan पर इस क्षेत्र में हिंसा फैलाने के आरोप लगाती रही है, खासकर 2022 में संघर्षविराम समझौता समाप्त होने के बाद।
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