NDTV संस्थापकों को बड़ी राहत: दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रणय और राधिका रॉय के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर रद्द किया
Delhi High Court ने शुक्रवार को NDTV के पूर्व प्रमोटर्स Prannoy Roy और Radhika Roy के खिलाफ जारी लुक-आउट सर्कुलर (LOC) को रद्द कर दिया। यह फैसला Central Bureau of Investigation द्वारा दर्ज दो मामलों के संदर्भ में..
नयी दिल्ली। Delhi High Court ने शुक्रवार को NDTV के पूर्व प्रमोटर्स Prannoy Roy और Radhika Roy के खिलाफ जारी लुक-आउट सर्कुलर (LOC) को रद्द कर दिया। यह फैसला Central Bureau of Investigation द्वारा दर्ज दो मामलों के संदर्भ में लिया गया।
न्यायमूर्ति Sachin Datta ने आदेश देते हुए कहा कि LOC को रद्द किया जाए, लेकिन यह राहत इस शर्त पर दी गई है कि याचिकाकर्ता जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
अदालत को बताया गया कि ये LOC जून 2017 और अगस्त 2019 में दर्ज दो FIR के आधार पर CBI की ओर से जारी किए गए थे।
2017 का मामला: अब बंद हो चुका
2017 में दर्ज FIR Sanjay Dutt (क्वांटम सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक) की शिकायत पर आधारित थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि रॉय दंपति और उनकी कंपनी RRPR Holdings ने NDTV में 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए लोन लिया और इस प्रक्रिया में ICICI Bank के अधिकारियों के साथ आपराधिक साजिश की।
हालांकि, CBI ने बाद में इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। एजेंसी ने बताया कि 2007–08, 2008–09 और 2009–10 के दौरान ICICI बैंक ने 83 लोन खातों में ब्याज दरों में कटौती की थी, और रॉय दंपति के मामले में ऐसा होना कोई अलग या विशेष घटना नहीं थी।
हाई कोर्ट ने 23 जनवरी को इस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था।
2019 का मामला: जांच जारी
दूसरी FIR, जो 2019 में दर्ज हुई थी, अभी भी जांच के अधीन है और इसमें अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है।
अदालत का फैसला
अदालत ने 2017 के मामले के बंद होने और 2019 के मामले में चार्जशीट दाखिल न होने को ध्यान में रखते हुए LOC को रद्द करने का फैसला किया। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राहत तभी जारी रहेगी जब रॉय दंपति जांच एजेंसी के साथ लगातार सहयोग करते रहेंगे।
यह फैसला NDTV के संस्थापकों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत माना जा रहा है।
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