दिल्ली हाईकोर्ट का कांग्रेस और आप को निर्देश: गौतम से जुड़े पोस्ट हटाएं, भाजपा बोली—‘गंदी राजनीति को करारा जवाब’

भाजपा नेता और अधिवक्ता गौरव भाटिया ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश का स्वागत किया, जिसमें कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) को भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के निर्देश दिए गए..

दिल्ली हाईकोर्ट का कांग्रेस और आप को निर्देश: गौतम से जुड़े पोस्ट हटाएं, भाजपा बोली—‘गंदी राजनीति को करारा जवाब’
08-01-2026 - 11:26 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। भाजपा नेता और अधिवक्ता गौरव भाटिया ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश का स्वागत किया, जिसमें कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) को भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के निर्देश दिए गए हैं। भाटिया ने इस फैसले को कानून की जीत बताते हुए इसे “गंदी राजनीति” को दिया गया करारा जवाब कहा।

मीडिया से बातचीत में गौरव भाटिया ने कहा, दुष्यंत गौतम के मामले में हाईकोर्ट ने विभिन्न प्रतिवादियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत उन दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक पोस्ट को हटाएं, जिन्हें कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स तथा उर्मिला नामक व्यक्ति द्वारा बिना किसी तथ्य या आधार के पोस्ट किया गया था। ये पोस्ट सस्ती और घटिया राजनीति के लिए किए गए थे।”

उन्होंने आगे कहा, यह कांग्रेस और आप द्वारा की जा रही गंदी राजनीति का माकूल जवाब है। यह कानून की जीत है। कांग्रेस, आप और उर्मिला के सोशल मीडिया हैंडल्स पर डाली गई सभी मानहानिकारक सामग्री 24 घंटे के भीतर हटा दी जाएगी।”

दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस और आप पर लगाई रोक

इससे पहले दिन में, दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) और आम आदमी पार्टी (आप) सहित कई प्रतिवादियों को ऐसे सोशल मीडिया कंटेंट को प्रकाशित या प्रसारित करने से रोक दिया, जिसमें कथित तौर पर भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा गया था। अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया मानहानि का मामला बनता है।

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा कर रही हैं, जिन्होंने वादी के पक्ष में अंतरिम (एड-इंटरिम) एकपक्षीय आदेश पारित किया। खुले न्यायालय में आदेश सुनाते हुए न्यायमूर्ति पुष्कर्णा ने कहा कि यह याचिका उन प्रतिवादियों के खिलाफ दायर की गई है, जिन्होंने वादी के खिलाफ “विभिन्न आरोप प्रकाशित और प्रसारित” किए हैं, जो मानहानिकारक प्रकृति के हैं।

अदालत ने कहा कि तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला बनता है, सुविधा का संतुलन वादी के पक्ष में है और यदि तत्काल रोक नहीं लगाई जाती तो अपूरणीय क्षति हो सकती है।

मामले की पृष्ठभूमि और मानहानि याचिका

यह विवाद उत्तराखंड की 19 वर्षीय रिसॉर्ट रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या से जुड़ा है, जिनका शव सितंबर 2022 में एक नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में आरोप लगे थे कि उन पर एक रिसॉर्ट में मेहमानों को यौन सुविधाएं देने का दबाव बनाया जा रहा था। यह रिसॉर्ट पुलकित आर्य द्वारा चलाया जा रहा था, जो एक पूर्व भाजपा नेता का बेटा है। बाद में एक ट्रायल कोर्ट ने पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

दुष्यंत गौतम की याचिका के अनुसार, हालिया सोशल मीडिया अभियान में उन्हें इस अपराध से झूठे तौर पर जोड़ा जा रहा है, जबकि न तो उन्हें कभी आरोपी बनाया गया, न चार्जशीट में नामित किया गया और न ही किसी जांच एजेंसी ने उन्हें इस मामले में शामिल बताया है। याचिका में इन आरोपों को “फेक न्यूज” करार दिया गया है, जिसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने जानबूझकर राजनीतिक लाभ उठाने और उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए गढ़ा और फैलाया।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।