जीडीपी वृद्धि आंकड़ों पर बोले प्रधानमंत्री मोदी.. ‘भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस लगातार तेज़ हो रही है..’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 2025–26 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.4 प्रतिशत रहने के अनुमान का हवाला देते हुए कहा कि “भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस लगातार तेज़ हो रही है।” उन्होंने कहा कि यह रफ्तार एनडीए सरकार के निवेश बढ़ाने और..

जीडीपी वृद्धि आंकड़ों पर बोले प्रधानमंत्री मोदी.. ‘भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस लगातार तेज़ हो रही है..’
08-01-2026 - 11:24 AM

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 2025–26 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.4 प्रतिशत रहने के अनुमान का हवाला देते हुए कहा कि “भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस लगातार तेज़ हो रही है।” उन्होंने कहा कि यह रफ्तार एनडीए सरकार के निवेश बढ़ाने और मांग-आधारित नीतियों के कारण बनी हुई है।

एक्स (X) पर किए गए पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समृद्ध भारत के निर्माण पर केंद्रित है। उन्होंने लिखा, भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस लगातार गति पकड़ रही है। यह एनडीए सरकार के व्यापक निवेश प्रोत्साहन और मांग-आधारित नीतियों से संचालित है।”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे बुनियादी ढांचा हो, विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन, डिजिटल पब्लिक गुड्स हों या ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’—हम समृद्ध भारत के अपने सपने को साकार करने के लिए काम कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी की यह टिप्पणी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा 2025–26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के पहले अग्रिम अनुमान जारी किए जाने के साथ आई।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025–26 (FY26) में भारत की वास्तविक जीडीपी 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024–25 (FY25) में यह वृद्धि 6.5 प्रतिशत रही थी। नाममात्र जीडीपी (Nominal GDP) के 2025–26 में 8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।

वास्तविक जीडीपी के FY26 में बढ़कर 201.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो FY25 के अस्थायी अनुमान 187.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं नाममात्र जीडीपी के 330.68 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 357.14 लाख करोड़ रुपये होने की संभावना है।

वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (GVA) के FY26 में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 184.50 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि नाममात्र GVA के 7.7 प्रतिशत बढ़कर 323.48 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान जताया गया है।

एनएसओ ने कहा कि आर्थिक वृद्धि को मुख्य रूप से सेवा क्षेत्र से बल मिल रहा है। सेवा क्षेत्र में वास्तविक GVA के 7.3 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं के साथ-साथ सार्वजनिक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं में स्थिर कीमतों पर 9.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

विनिर्माण और निर्माण क्षेत्र भी समग्र वृद्धि को समर्थन देने की उम्मीद है। द्वितीयक क्षेत्र के 7 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण सेवाओं में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जबकि कृषि और संबद्ध गतिविधियों में तुलनात्मक रूप से कम, 3.1 प्रतिशत की वृद्धि रहने की संभावना है।

मांग पक्ष की बात करें तो निजी अंतिम उपभोग व्यय (PFCE) के 7 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जो घरेलू उपभोग में स्थिरता को दर्शाता है। निवेश गतिविधि का प्रमुख संकेतक सकल स्थिर पूंजी निर्माण (GFCF) के 7.8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जो पिछले वित्त वर्ष में 7.1 प्रतिशत था। यह निवेश में मजबूती का संकेत देता है।Top of Form

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।