राहुल गांधी की हेट स्पीच मामले में समन रद्द करने की याचिका खारिज
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा घृणा भाषण (Hate Speech) मामले में समन और समस्त कार्यवाही को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी।
लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा घृणा भाषण (Hate Speech) मामले में समन और समस्त कार्यवाही को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी।
यह याचिका दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 के तहत दाखिल की गई थी, जिसमें दो अदालती आदेशों को चुनौती दी गई थी—एक MP/MLA कोर्ट के जिला न्यायाधीश द्वारा 3 अक्टूबर 2024 को पारित और दूसरा ACJM-III (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-III) द्वारा 12 दिसंबर 2024 को जारी किया गया समन।
मामला क्या है?
यह मामला वकील नृपेन्द्र पांडे की शिकायत पर आधारित है, जिनका आरोप है कि राहुल गांधी के कथित बयान समाज में वर्गों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देते हैं।
- पहले यह शिकायत 14 जून 2023 को ACJM ने खारिज कर दी थी।
- इसके बाद शिकायतकर्ता ने MP/MLA कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और मामला दोबारा विचार के लिए निचली अदालत को भेज दिया।
- इसके तहत, ACJM कोर्ट ने 12 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी को समन जारी किया।
उच्च न्यायालय का निर्णय
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने कहा कि चूंकि निचली अदालत ने पहले ही समन जारी कर दिया है और उस आदेश पर अमल हो चुका है, इसलिए अब पुनरीक्षण आदेश को चुनौती देना अप्रासंगिक (infructuous) हो गया है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता (राहुल गांधी) के पास CrPC की धारा 397/399 के तहत पुनरीक्षण याचिका दायर करने का वैधानिक विकल्प मौजूद है, इसलिए इस स्तर पर धारा 482 के तहत हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
राहुल गांधी के वकील प्रांशु अग्रवाल ने कहा, “उच्च न्यायालय ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि यह कहा कि याचिकाकर्ता के पास सत्र न्यायालय में पुनरीक्षण दायर करने का वैकल्पिक उपाय मौजूद है।”
पृष्ठभूमि: मामला क्यों दर्ज हुआ?
यह मामला 2022 में महाराष्ट्र में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी के उस बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने वीर सावरकर को 'ब्रिटिशों का सेवक' और 'ब्रिटिश सरकार से पेंशन लेने वाला' बताया था।
इसके अलावा, 5 मार्च 2025 को लखनऊ की एक अदालत ने राहुल गांधी पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया था, क्योंकि वे मानहानि मामले में पेश नहीं हुए थे।
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