एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन का अचानक इस्तीफा, गवर्नेंस पर उठे सवाल
Atanu Chakraborty ने बुधवार को HDFC Bank के गैर-कार्यकारी चेयरमैन पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे बैंक की “आंतरिक कार्यप्रणाली” को लेकर चिंता जताई है, जिससे देश के इस महत्वपूर्ण बैंक में गवर्नेंस..
मुंबई। Atanu Chakraborty ने बुधवार को HDFC Bank के गैर-कार्यकारी चेयरमैन पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे बैंक की “आंतरिक कार्यप्रणाली” को लेकर चिंता जताई है, जिससे देश के इस महत्वपूर्ण बैंक में गवर्नेंस को लेकर नए सवाल खड़े हो सकते हैं।
क्या कहा इस्तीफे में?
बैंक की रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, पूर्व आर्थिक मामलों के सचिव रहे चक्रवर्ती ने पार्ट-टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि बैंक में “कुछ घटनाएं और प्रक्रियाएं उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं।” हालांकि, उन्होंने इस्तीफे के पीछे कोई विशेष कारण स्पष्ट नहीं किया।
अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति
Reserve Bank of India की मंजूरी से Keki Mistry को 3 महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
एचडीएफसी विलय के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका
चक्रवर्ती मई 2021 में बोर्ड में शामिल हुए थे और उनके कार्यकाल में HDFC Ltd का बैंक में ऐतिहासिक विलय हुआ। इस विलय के बाद बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा ऋणदाता बन गया।
अचानक इस्तीफा क्यों महत्वपूर्ण?
यह इस्तीफा इसलिए चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि:
- उन्हें Reserve Bank of India की मंजूरी से मई 2027 तक के लिए दोबारा नियुक्त किया गया था
- बैंक देश के कुल जमा (deposits) का लगभग 15% हिस्सा संभालता है
- इसे भारत की वित्तीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है
निवेशकों और नियामकों की नजर
चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद:
- बैंक के ADR (अमेरिका में ट्रेड होने वाले शेयर) में 2.2% गिरावट आई
- निवेशकों और नियामकों का ध्यान बैंक की आंतरिक व्यवस्था और नियंत्रण प्रणाली पर गया
आंतरिक मतभेद और प्रबंधन शैली
रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं, जिससे समन्वय प्रभावित हुआ हो सकता है।
पूर्व एमडी Aditya Puri अपनी मजबूत और केंद्रीकृत नेतृत्व शैली के लिए जाने जाते थे, जबकि वर्तमान एमडी और सीईओ Sashidhar Jagdishan अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल माने जाते हैं।
पुराने विवाद भी रहे हैं
बैंक पहले भी विवादों में रहा है, खासकर:
- 2020 में ऑटो लोन घोटाला
- ग्राहकों को जबरन GPS डिवाइस और थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट बेचने के आरोप
इस मामले में..
- आंतरिक जांच के बाद कुछ कर्मचारियों को हटाया गया
- 2021 में Reserve Bank of India ने 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया
हाल के दिनों में भी सोशल मीडिया पर वरिष्ठ अधिकारियों के निजी कारोबार को लेकर नए आरोप सामने आए हैं।
निष्कर्ष
Atanu Chakraborty का अचानक इस्तीफा देश के सबसे बड़े बैंकों में से एक HDFC Bank की आंतरिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि नियामक और बैंक प्रबंधन इन चिंताओं का समाधान कैसे करते हैं।
What's Your Reaction?