“सिर्फ 30–45 सेकंड का समय था”: ब्रह्मोस हमले पर पाकिस्तान के पीएम सलाहकार का खुलासा, परमाणु युद्ध से बाल-बाल बचा दक्षिण एशिया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने खुलासा किया है कि भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर दागे गए ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल को लेकर पाकिस्तानी सेना के पास महज़ 30 से 45 सेकंड का समय था..
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने खुलासा किया है कि भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर दागे गए ब्रह्मोस क्रूज़ मिसाइल को लेकर पाकिस्तानी सेना के पास महज़ 30 से 45 सेकंड का समय था। यह तय करने के लिए कि क्या यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जा रही थी या नहीं।
सनाउल्लाह ने इस स्थिति को “परमाणु संघर्ष के बेहद करीब पहुंचने वाला क्षण” बताया और कहा कि यदि उस समय कोई गलतफहमी हो जाती, तो उसका अंजाम पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी हो सकता था।
क्या हुआ था?
- 7 मई, 2025 को भारत ने पहल्गाम आतंकी हमले (22 अप्रैल, 26 नागरिकों की मौत) के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया।
- भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया — जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, हिज़्बुल मुजाहिदीन के शिविर तबाह किए गए। 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई।
- पाकिस्तान की जवाबी सैन्य कोशिशों के बाद भारत ने 9-10 मई की रात को सगोधा, जैकबाबाद, मुरिद, रफीक़ी और नूर खान एयरबेस पर ब्रह्मोस मिसाइलों से हमले किए।
नूर खान एयरबेस पर हमला – परमाणु संकट की कगार
- नूर खान (चकलाला) एयरबेस, जो रावलपिंडी में स्थित है और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत अहम है, पर भारत द्वारा ब्रह्मोस मिसाइल दागी गई।
- सनाउल्लाह के अनुसार, "हमारी सेना के पास केवल 30 से 45 सेकंड थे यह तय करने के लिए कि मिसाइल परमाणु हथियार से लैस थी या नहीं।"
- यदि गलत आकलन हुआ होता, तो पाकिस्तान की ओर से परमाणु जवाबी हमला भी संभव था, यह दक्षिण एशिया को परमाणु युद्ध में धकेल सकता था।
तनाव कैसे कम हुआ? अमेरिका और सऊदी की भूमिका
- सनाउल्लाह ने दावा किया कि
- पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पर्दे के पीछे भूमिका निभाई।
- चार दिन चले ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम कराने में मदद की।
- पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित भी किया।
- भारत ने हालांकि तीसरे पक्ष की किसी मध्यस्थता से इनकार किया है।
- पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने भी यह माना कि:
- भारत के हमलों में दो प्रमुख पाकिस्तानी एयरबेस को गंभीर नुकसान पहुंचा।
- सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क करने की पेशकश की थी।
सैटेलाइट तस्वीरों में हुआ पुष्टि
- हमलों के बाद सगोधा, नूर खान, भोलारी, जैकबाबाद, सुक्कुर और रहीम यार खान एयरबेस पर गंभीर क्षति की पुष्टि सैटेलाइट इमेज से हुई।
- भारत द्वारा घरेलू रूप से निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ, जो अब रूस के साथ संयुक्त रूप से विकसित होने के बाद भारत में ही उत्पादित की जा रही हैं।
इतिहास की पुनरावृत्ति
- नूर खान एयरबेस इससे पहले 1971 के भारत-पाक युद्ध में भी भारतीय हमले का निशाना बना था।
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