हिमंत बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी, राहुल गांधी पर निशाने पर लेते हुए दिया 'औरंगजेब' का हवाला, टीएमसी ने किया पलटवार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधने के लिए मुगल सम्राट औरंगजेब का जिक्र किया।
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधने के लिए मुगल सम्राट औरंगजेब का जिक्र किया।
कोलकाता में एक सभा को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि जैसे औरंगजेब ने हिंदू धर्म को खत्म करने की कसम खाई थी, लेकिन वह इसमें नाकाम रहा, वैसे ही ममता बनर्जी और राहुल गांधी भी असफल होंगे।
सरमा ने कहा, "औरंगजेब ने हिंदू धर्म को खत्म करने की शपथ ली थी, लेकिन हिंदू धर्म खत्म नहीं हुआ, बल्कि औरंगजेब का अंत हो गया। आज मैं ममता बनर्जी और राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि अगर वे सोचते हैं कि वे हिंदू धर्म को खत्म कर सकते हैं, तो मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हिंदू धर्म कभी खत्म नहीं होगा, वे जरूर खत्म हो जाएंगे।"
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू धर्म की 5000 साल पुरानी परंपरा है और इसे किसी भी सत्ता के उतार-चढ़ाव से खतरा नहीं है। उन्होंने बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की तुलना राजनीतिक परिवर्तन से की।
उन्होंने कहा, "हमारी 5000 साल पुरानी परंपरा है। उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। कभी बंगाल में टीएमसी आएगी, कभी देश में कांग्रेस आएगी। लेकिन नरेंद्र मोदी भी आएंगे।"
टीएमसी का पलटवार
हिमंत बिस्वा सरमा की 'औरंगजेब' टिप्पणी पर टीएमसी ने तीखा जवाब दिया। पार्टी नेता कुणाल घोष ने बीजेपी पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया।
घोष ने कहा, "असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बकवास कर रहे हैं। उनकी पार्टी हिंदू, मुस्लिम और ईसाई के नाम पर राजनीति करती है। लेकिन यह बंगाल है, यहां हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सभी ममता बनर्जी के समर्थक हैं... पूरा बंगाल उनका समर्थन करता है क्योंकि यहां की विकास योजनाओं में किसी धर्म का नाम नहीं होता।"
घोष ने यह भी बताया कि ममता बनर्जी सरकार की योजनाओं से राज्य के हिंदू समुदाय को भी लाभ हुआ है। उन्होंने सरमा से ऐसे मामलों में न पड़ने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, "उदाहरण के लिए, बंगाल में ममता बनर्जी हर दुर्गा पूजा समिति को दुर्गा पूजा को बढ़ावा देने के लिए धन देती हैं। कोरोना के समय में इस फंडिंग को बढ़ाया गया था और बीजेपी ने इसका विरोध किया था... अब वे बयान दे रहे हैं। हिमंत बिस्वा सरमा को अब इन सब चीजों में शामिल नहीं होना चाहिए।"
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