“महिला आरक्षण बिल पास हुआ तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा” .. प्रियंका गांधी का सरकार पर तीखा हमला

प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला और आरोप लगाया कि यह बिल लोकतंत्र पर “खुला हमला” है। उन्होंने कहा कि अगर यह विधेयक मौजूदा स्वरूप में पारित होता है, तो देश में लोकतंत्र खत्म हो..

“महिला आरक्षण बिल पास हुआ तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा” .. प्रियंका गांधी का सरकार पर तीखा हमला
17-04-2026 - 10:17 AM

प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला और आरोप लगाया कि यह बिल लोकतंत्र पर “खुला हमला” है। उन्होंने कहा कि अगर यह विधेयक मौजूदा स्वरूप में पारित होता है, तो देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा।

लोकसभा में चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार जल्दबाजी में महिला आरक्षण लागू करने की कोशिश कर रही है, जबकि पहले से ही वह चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं पर दबाव बनाकर लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं को 33% आरक्षण देने के लिए लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों में ही व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती। प्रियंका गांधी ने कहा कि इस बिल में लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 तक करने की बात है, जो परिसीमन (डिलिमिटेशन) आयोग द्वारा 2011 की जनगणना के आधार पर तय की जाएगी। “ऊपरी तौर पर यह ठीक लगता है, लेकिन ध्यान से देखने पर इसमें राजनीति की गंध आती है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन आयोग में सरकार द्वारा चुने गए तीन सदस्य राज्यों के अस्तित्व, उनकी भागीदारी और चुनावी महत्व को तय करेंगे, जिससे संघीय ढांचे पर असर पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जातीय जनगणना कराए बिना ओबीसी वर्ग के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

प्रियंका गांधी ने कहा, “सरकार पहले ही भारतीय चुनाव आयोग, न्यायपालिका, मीडिया और अन्य संस्थाओं पर दबाव डालकर लोकतंत्र को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है, और यह संवैधानिक संशोधन उसी कड़ी का हिस्सा है।”

गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “आप लोग पूरी योजना बनाकर आए हैं। आज अगर चाणक्य होते, तो आपकी कुटिलता की भी तारीफ करते।”

अपने संबोधन में प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण के इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत मोतीलाल नेहरू द्वारा तैयार 19 अधिकारों की सूची से हुई थी, जिसे कराची अधिवेशन में पारित किया गया था और जिसने महिलाओं को राजनीतिक अधिकार देने की नींव रखी।

उन्होंने आगे कहा कि राजीव गांधी ने पंचायत और नगर निकायों में महिला आरक्षण का बिल पेश किया था, जिसे बाद में पी वी नरसिम्हा राव की सरकार के दौरान लागू किया गया।

प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि यूपीए सरकार के समय यह बिल राज्यसभा में पारित हो चुका था, लेकिन लोकसभा में सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने बताया कि 2018 में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महिला आरक्षण लागू करने की मांग की थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन मौजूदा बिल बहस को असली मुद्दे से भटका रहा है। “बहस महिला आरक्षण पर नहीं, बल्कि इस बात पर है कि सरकार इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है,” उन्होंने कहा।

भाषण के दौरान एक हल्के-फुल्के पल में उनके “चाणक्य” वाले तंज पर सदन में हंसी गूंज उठी, और गृह मंत्री अमित शाह सहित कई सांसद मुस्कुराते नजर आए।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।