दिसंबर की उड़ान बाधाओं पर DGCA के अंतिम आदेश के बाद IndiGo पर ₹1,180 करोड़ से अधिक का असर

भारत के विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने शुक्रवार, 16 जनवरी को दिसंबर 2025 में हुई बड़े पैमाने की उड़ान बाधाओं को लेकर इंडिगो (IndiGo) के खिलाफ

दिसंबर की उड़ान बाधाओं पर DGCA के अंतिम आदेश के बाद IndiGo पर ₹1,180 करोड़ से अधिक का असर
19-01-2026 - 10:00 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

भारत के विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने शुक्रवार, 16 जनवरी को दिसंबर 2025 में हुई बड़े पैमाने की उड़ान बाधाओं को लेकर इंडिगो (IndiGo) के खिलाफ अपना अंतिम प्रवर्तन आदेश जारी किया। इस आदेश के बाद जुर्माने, यात्री मुआवज़े, टिकट रिफंड और अनुपालन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं को मिलाकर एयरलाइन पर कुल वित्तीय बोझ ₹1,180 करोड़ से अधिक बैठता है।

आदेश के तहत DGCA ने सिस्टमगत खामियों और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) मानकों के निरंतर उल्लंघन के लिए इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। इसमें ₹1.80 करोड़ का एकमुश्त सिस्टमगत जुर्माना और 68 दिनों तक जारी गैर-अनुपालन के लिए ₹20.40 करोड़ शामिल हैं।

जुर्माने के अलावा, नियामक ने इंडिगो को IndiGo Systemic Reform Assurance Scheme (ISRAS) के तहत ₹50 करोड़ की बैंक गारंटी जमा करने का निर्देश दिया है। यह गारंटी ब्लॉक रहेगी और नेतृत्व निगरानी, मानवबल योजना, रोस्टरिंग सिस्टम और डिजिटल ऑपरेशनल रेज़िलिएंस सहित अनिवार्य सुधारों के अनुपालन की DGCA द्वारा पुष्टि के बाद ही चरणबद्ध तरीके से रिलीज़ की जाएगी।

वित्तीय जोखिम का सबसे बड़ा हिस्सा यात्रियों से जुड़ी लागत से आता है। इंडिगो ने कहा है कि वह उन यात्रियों को ₹500 करोड़ से अधिक का मुआवज़ा देगी, जिनकी उड़ानें प्रस्थान से 24 घंटे के भीतर रद्द हुईं और जो बाधा अवधि के दौरान हवाई अड्डों पर फंसे रहे।

एक बयान में इंडिगो ने कहा कि वह गंभीर रूप से प्रभावित यात्रियों को ₹500 करोड़ से अधिक का मुआवज़ा देगी। इसके साथ ही एयरलाइन ने “Gesture of Care” के तहत प्रति यात्री ₹10,000 का अतिरिक्त वाउचर भी देने की घोषणा की है, जिसकी वैधता 12 महीनों की होगी। यह वाउचर उन ग्राहकों को मिलेगा जिनकी उड़ानें 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच रद्द हुईं या तीन घंटे से अधिक देर से चलीं।

इसके अतिरिक्त, इंडिगो ने 7 दिसंबर तक ₹610 करोड़ के टिकट रिफंड प्रोसेस किए हैं, जिन्हें यात्रियों को मूल भुगतान माध्यम से लौटाया गया। एयरलाइन ने संकेत दिया है कि रिफंड की यह राशि आगे और बढ़ सकती है, क्योंकि इस तारीख के बाद प्रोसेस किए गए रिफंड इस आंकड़े में शामिल नहीं हैं।

हालांकि रिफंड से मुनाफ़े पर सीधा असर नहीं पड़ता, लेकिन यह नकदी प्रवाह (कैश आउटफ़्लो) के लिहाज़ से बड़ा बोझ है। कुल मिलाकर, मुआवज़े और जुर्मानों को जोड़ने पर इंडिगो के प्रत्यक्ष लाभ-हानि खाते (P&L) पर ₹522 करोड़ से अधिक का असर पड़ता है। वहीं रिफंड और बैंक गारंटी को शामिल करने पर कुल वित्तीय जोखिम ₹1,180 करोड़ से ऊपर पहुंच जाता है—और आगे और रिफंड जुड़ने से यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

अपने आदेश में DGCA ने यह भी स्वीकार किया कि दिसंबर की बाधाओं के बाद इंडिगो की ऑपरेशनल रिकवरी तेज़ रही और कम समय में उड़ान संचालन सामान्य स्तर पर लौट आया। नियामक ने कहा कि फिलहाल कोई अतिरिक्त दंडात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की जा रही है। आगे की निगरानी नए जुर्मानों की बजाय सुधार ढांचे के तहत तय अनुपालन मील के पत्थरों से जोड़ी जाएगी।

DGCA ने दिसंबर की उड़ान बाधाओं के लिए अत्यधिक ऑप्टिमाइज़ेशन, रोस्टर में अपर्याप्त बफर और योजना व प्रबंधन निगरानी की कमियों को ज़िम्मेदार ठहराया। नियामक ने दोबारा ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए दीर्घकालिक और सिस्टमगत सुधारों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।