भारत ने 2024-25 में 353.96 मिलियन टन के साथ खाद्यान्न उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया..!

भारत ने 2024-25 में 353.96 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसमें 117.51 मिलियन टन गेहूं और 149.07 मिलियन टन चावल शामिल हैं। यह आंकड़ा तीसरे अग्रिम अनुमानों (Third Advance Estimates) के आधार पर जारी किया..

भारत ने 2024-25 में  353.96 मिलियन टन के साथ खाद्यान्न उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया..!
02-10-2025 - 09:22 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। भारत ने 2024-25 में 353.96 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसमें 117.51 मिलियन टन गेहूं और 149.07 मिलियन टन चावल शामिल हैं। यह आंकड़ा तीसरे अग्रिम अनुमानों (Third Advance Estimates) के आधार पर जारी किया गया है।

खाद्य सुरक्षा और भंडारण का महत्व

सरकार ने कहा कि जैसे-जैसे भारत की आबादी और खाद्य मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे मजबूत भंडारण प्रणाली की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।

  • यह सालभर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करती है।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और राष्ट्रीय पोषण सुरक्षा को सहारा देती है।
  • बेहतर भंडारण से फसल की बर्बादी कम होती है और किसानों को उचित मूल्य मिलता है।

भंडारण क्षमता और ढांचा

  • भारतीय खाद्य निगम (FCI) केंद्रीय भंडारण एजेंसी है।
  • केंद्रीय पूल के लिए खाद्यान्न खरीद सीधे FCI या राज्य सरकारी एजेंसियों (SGA) के माध्यम से होती है।
  • वर्तमान में FCI और राज्य एजेंसियों के पास 917.83 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता (कवर्ड और CAP) उपलब्ध है।
  • 8,815 कोल्ड स्टोरेज देशभर में मौजूद हैं, जिनकी क्षमता 40.21 मिलियन टन है।
  • 5,937 नए प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटीज (PACS) पंजीकृत हुए हैं और अब तक 73,492 का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है।

PACS कंप्यूटरीकरण

  • सरकार ने PACS के आधुनिकीकरण के लिए ₹2,516 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की है।
  • इससे पारदर्शिता, कुशल रिकॉर्ड-कीपिंग और संचालन में सुधार होगा।

बफर स्टॉक और उपभोक्ता सुरक्षा

  • उचित भंडारण से बफर स्टॉक बनाए रखना आसान होता है।
  • NFSA जैसी योजनाओं के तहत खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित होता है।
  • संकट के समय सरकार बाजार में स्टॉक जारी करके कीमतों को स्थिर कर सकती है और उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत दे सकती है।

कृषि अवसंरचना योजनाएँ

भारत सरकार कई योजनाओं से भंडारण और प्रसंस्करण ढांचे को मजबूत कर रही है..

  1. कृषि अवसंरचना कोष (AIF):
    • 2020 में लॉन्च।
    • किसानों को भंडारण और लॉजिस्टिक्स ढांचा बनाने हेतु ब्याज सब्सिडी व गारंटी के साथ ऋण सुविधा।
    • फसल-भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, ग्रेडिंग-यूनिट, रिपनिंग चैंबर आदि पर जोर।
    • सितंबर 2024 तक – ₹73,155 करोड़ स्वीकृत, 1.27 लाख प्रोजेक्ट, कुल परियोजना लागत ₹1.17 लाख करोड़।
  2. एग्रीकल्चरल मार्केटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर (AMI)
  3. प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)
  4. दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना (World’s Largest Grain Storage Plan)

इस रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद असली चुनौती भंडारण क्षमता, प्रसंस्करण और मूल्य-साख की है। सरकार के अनुसार, यदि भंडारण और पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट को और मजबूत किया जाए तो यह न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाएगा बल्कि भारत को वैश्विक खाद्य सुरक्षा में भी अग्रणी बना देगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।