ट्रंप-शी मुलाक़ात 4 हफ़्तों में, सोयाबीन खरीद होगी बड़ी प्राथमिकता; टैरिफ युद्ध के बाद अमेरिकी किसानों की चिंता
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को संकेत दिया कि वे आगामी मुलाक़ात में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अमेरिकी सोयाबीन की खरीद को लेकर ज़ोरदार चर्चा करेंगे। अमेरिकी किसान उनके व्यापार युद्ध (टैरिफ वॉर) के असर से जूझ..
वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को संकेत दिया कि वे आगामी मुलाक़ात में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अमेरिकी सोयाबीन की खरीद को लेकर ज़ोरदार चर्चा करेंगे। अमेरिकी किसान उनके व्यापार युद्ध (टैरिफ वॉर) के असर से जूझ रहे हैं।
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा, "हमारे देश के सोयाबीन किसान प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि चीन सिर्फ़ 'बातचीत' के कारणों से सोयाबीन नहीं खरीद रहा।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं चार हफ़्तों में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाला हूँ और सोयाबीन इस बैठक का बड़ा मुद्दा होगा।"
APEC समिट में मुलाक़ात
ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि वे अक्टूबर के अंत में दक्षिण कोरिया में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन के दौरान शी जिनपिंग से मिलेंगे। साथ ही उन्होंने अगले साल चीन की यात्रा करने की भी बात कही है।
टैरिफ युद्ध और प्रभाव
इस साल की शुरुआत में अमेरिका और चीन ने एक-दूसरे के निर्यात पर बढ़ते शुल्क (tariffs) लगाए थे। हालाँकि बाद में तनाव कम करने पर सहमति बनी, लेकिन असर अब भी बना हुआ है।
ट्रंप ने बुधवार को दोहराया कि वे अमेरिकी किसानों की मदद के लिए टैरिफ से हुई कमाई का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा कि बाइडेन ने चीन के साथ हुए पहले व्यापार समझौते को लागू नहीं किया, जिसमें कृषि खरीद बढ़ाने का प्रावधान था।
सोयाबीन किसानों की नाराज़गी
अमेरिकन सोयाबीन एसोसिएशन (ASA) ने ट्रंप से अपील की है कि वे चीन के साथ वार्ता में सोयाबीन को प्राथमिकता दें।
ASA ने अगस्त में चेतावनी दी थी कि चीन के प्रतिशोधी टैरिफ अमेरिकी किसानों को उनके सबसे बड़े निर्यात बाज़ार से बाहर कर रहे हैं, जबकि 2025 की सोयाबीन फसल आने ही वाली है।
ASA अध्यक्ष कैलिब रैगलैंड ने कहा..
- "इस नए विपणन वर्ष में अमेरिका ने चीन को ज़ीरो बिक्री की है, क्योंकि चीन ने अमेरिकी टैरिफ़ के जवाब में 20% प्रतिशोधी शुल्क लगाया है।"
- "इससे ब्राज़ील और अब अर्जेंटीना ने हमारा बाज़ार हथिया लिया है।"
- "किसानों की निराशा चरम पर है।"
ट्रंप का पिछला अनुभव
ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी किसानों को नुकसान हुआ था।
- चीन के प्रतिशोधी टैरिफ़ के चलते जुलाई 2018 से दिसंबर 2019 के बीच अमेरिका के कृषि निर्यात में 27 अरब डॉलर से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
- सरकार ने उस समय किसानों को राहत देने के लिए सहायता पैकेज भी दिया था।
अब जबकि ट्रंप-शी मुलाक़ात तय है, अमेरिकी किसानों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या चीन दोबारा सोयाबीन की बड़ी ख़रीद पर सहमत होगा, या फिर ब्राज़ील और अर्जेंटीना की बढ़ती हिस्सेदारी से अमेरिकी किसान और पीछे चले जाएँगे।
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