एनएसए अजीत डोवाल ने रुबियो से कहा भारत ट्रंप के दबाव में नहीं आएगा, सरकार ट्रंप के कार्यकाल तक इंतजार करने को तैयार: रिपोर्ट
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के अंतिम विवरणों को अंतिम रूप देने के दौरान एक रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व वाली सरकार ने आवश्यक होने पर US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के समाप्त होने तक भी व्यापार समझौते का इंतजार करने की बात अमेरिका को..
नयी दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के अंतिम विवरणों को अंतिम रूप देने के दौरान एक रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व वाली सरकार ने आवश्यक होने पर US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के समाप्त होने तक भी व्यापार समझौते का इंतजार करने की बात अमेरिका को बता दी थी।
डोवाल का स्पष्ट संदेश
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो से सितंबर 2025 में एक बैठक में कहा कि भारत को न तो ट्रंप और न ही उनके वरिष्ठ अधिकारियों से डराया या दबाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पहले भी कठिन अमेरिकी प्रशासन का अनुभव कर चुका है और इस बार भी अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा।
डोवाल ने यह साफ कहा कि अगर आवश्यक हुआ तो भारत व्यापार समझौते में सुधार के लिए ट्रंप के कार्यकाल के पूरा होने का इंतजार भी कर सकता है, लेकिन साथ ही उनसे यह भी कहा कि ट्रंप और उनके सहयोगियों को भारत के खिलाफ अपनी सार्वजनिक आलोचना को कम करना चाहिए ताकि द्विपक्षीय रिश्तों को सुधारने का मार्ग खुल सके।
क्या हुआ था विवाद?
पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने भारतीय उत्पादों पर 50 % तक टैरिफ लगाया था, जिस पर भारत को गहरा आघात लगा। अमेरिका की ओर से सार्वजनिक बयानबाजी और भारत-विशेष रूप से भारत की ऊर्जा नीति और रूसी तेल खरीद को लेकर की गई टिप्पणियों ने भारत-अमेरिका के रिश्तों में तनाव पैदा कर दिया था।
नए ट्रेड डील की घोषणा
इसी विवाद के बीच सोमवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा कि टैरिफ को 50 % से घटाकर 18 % कर दिया गया है और दोनों देशों ने व्यापार को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।
सरकार का रुख
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि यह “लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौता” सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें भारत की संवेदनशील क्षेत्रों — खासकर कृषि और डेयरी — की सुरक्षा का ख्याल रखा गया है और दोनों देशों के बीच जल्द ही संयुक्त विवरण (joint statement) जारी किया जाएगा।
गोयल ने उम्मीद जताई कि यह डील भारत के भविष्य को मजबूत करेगी, भारतीयों के हितों की रक्षा करेगी और 140 करोड़ लोगों को गर्व महसूस कराएगी।
वैश्विक और राजनैतिक परिप्रेक्ष्य
इस समझौते के हिस्से के तौर पर भारत-अमेरिका ने व्यापार को 2030 तक $500 बिलियन से अधिक तक बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा है। हालांकि बातचीत मार्च 2025 से चल रही थी, लेकिन टैरिफ विवाद ने प्रक्रिया को कठिन बना दिया था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
कुछ राजनीतिक दलों ने इस डील को लेकर चिंता जताई है। उदाहरण के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) ने कहा है कि यह समझौता किसानों के लिए हानिकारक हो सकता है और अमेरिका की कृषि वस्तुओं के निर्यात से भारतीय बाजार पर दबाव पड़ेगा।
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