“गद्दार दोस्त”: राहुल गांधी की बीजेपी मंत्री रवनीत बिट्टू पर टिप्पणी से बड़ा विवाद

बुधवार को संसद परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी जुबानी तकरार देखने को मिली। दिन की कार्यवाही से पहले चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व कांग्रेसी नेता और वर्तमान बीजेपी मंत्री रवनीत बिट्टू को “गद्दार दोस्त” कहकर संबोधित किया। इसके जवाब में बिट्टू ने राहुल गांधी को “देश का दुश्मन” करार..

“गद्दार दोस्त”: राहुल गांधी की बीजेपी मंत्री रवनीत बिट्टू पर टिप्पणी से बड़ा विवाद
05-02-2026 - 10:56 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। बुधवार को संसद परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी जुबानी तकरार देखने को मिली। दिन की कार्यवाही से पहले चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व कांग्रेसी नेता और वर्तमान बीजेपी मंत्री रवनीत बिट्टू को “गद्दार दोस्त” कहकर संबोधित किया। इसके जवाब में बिट्टू ने राहुल गांधी को “देश का दुश्मन” करार दिया।

रवनीत सिंह बिट्टू, जो तीन बार सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में रेल मंत्रालय में राज्य मंत्री (MoS) हैं, 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।

मकर द्वार के पास हुआ विवाद

यह संक्षिप्त लेकिन तीखा संवाद उस समय हुआ, जब कांग्रेस सांसद मकर द्वार के पास प्रदर्शन कर रहे थे। उसी दौरान रवनीत बिट्टू वहां से गुजर रहे थे। राहुल गांधी ने उन्हें देखकर कहा,
देखिए, यहां एक गद्दार जा रहा है। इसका चेहरा देखिए।”

इसके बाद राहुल गांधी ने बिट्टू से हाथ मिलाने की कोशिश करते हुए कहा, हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम वापस आ जाओगे (कांग्रेस में)।”

हालांकि, बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार करते हुए कहा, देश के दुश्मन।”

इससे पहले बिट्टू ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसदों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि “ये ऐसे बैठे हैं जैसे कोई जंग जीत ली हो।”

हाथ न मिलाने पर बिट्टू की सफाई

बाद में राहुल गांधी से हाथ न मिलाने की वजह बताते हुए रवनीत बिट्टू ने गांधी परिवार पर 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार और सिख विरोधी दंगों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। ऑपरेशन ब्लू स्टार 1984 में स्वर्ण मंदिर परिसर से उग्रवादियों को हटाने के लिए चलाया गया एक सैन्य अभियान था।

बिट्टू ने कहा, जब उन्होंने हाथ बढ़ाया तो मैंने कहा—आप लोग गद्दार हैं और देश के दुश्मन हैं, जो रोज़ देश और सेना के खिलाफ बोलते हैं। एक सरदार कभी गांधी परिवार के वारिस, सिखों के हत्यारों से हाथ नहीं मिलाएगा।”

हमले का आरोप और विशेषाधिकार प्रस्ताव की बात

बिट्टू ने दावा किया कि राहुल गांधी ने उन पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता आज वे नशे में थे या क्या। उन्होंने मुझे निशाना बनाया और मुझ पर हमला किया।”

बिट्टू ने यह भी कहा कि वह अपने पार्टी सहयोगियों से सलाह लेंगे कि क्या राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाना चाहिए।

सिख नेताओं की प्रतिक्रिया

सिख विधायक और दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सिख मंत्री के खिलाफ राहुल गांधी की “गद्दार” टिप्पणी की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा, राहुल गांधी और गांधी परिवार ही गद्दार हैं। सिख और सरदार कभी गद्दार नहीं हो सकते। यह टिप्पणी दिखाती है कि कांग्रेस की सोच में आज भी कोई बदलाव नहीं आया है।”

इस विवाद के विरोध में सिख समुदाय द्वारा कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया गया।

कांग्रेस का बचाव

कांग्रेस ने राहुल गांधी के बयान का बचाव करते हुए कहा कि “धोखा देने वाले” के लिए इससे बेहतर शब्द कोई और नहीं हो सकता।
कांग्रेस सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग ने कहा, जब नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता, तो हम क्या करें? बिट्टू को सांसद किसने बनाया? एक गद्दार के लिए और क्या शब्द इस्तेमाल करें?”

संसद में निलंबन का मुद्दा

कांग्रेस सांसदों का यह प्रदर्शन लोकसभा से विपक्ष के आठ सांसदों के निलंबन के विरोध में था। इन आठ सांसदों को सदन के नियमों का उल्लंघन करने और आसन की ओर कागज फेंकने के आरोप में पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है।

निलंबित सांसदों में कांग्रेस के हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, प्रशांत यदाओराव पाडोले, चामला किरण कुमार रेड्डी और डीन कुरियाकोसे शामिल हैं। इनके अलावा सीपीएम सांसद एस. वेंकटेशन भी निलंबित किए गए हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।