‘दीदी स्टाइल’ में हाईकोर्ट में खुद पैरवी करेंगे Arvind Kejriwal, शराब घोटाला मामले में नया मोड़

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और Aam Aadmi Party (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal सोमवार को Delhi High Court में कथित आबकारी (लिकर) नीति घोटाले से जुड़े मामले में खुद पेश होकर अपनी पैरवी करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल इस मामले में व्यक्तिगत रूप से दलीलें..

‘दीदी स्टाइल’ में हाईकोर्ट में खुद पैरवी करेंगे Arvind Kejriwal, शराब घोटाला मामले में नया मोड़
06-04-2026 - 10:42 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और Aam Aadmi Party (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal सोमवार को Delhi High Court में कथित आबकारी (लिकर) नीति घोटाले से जुड़े मामले में खुद पेश होकर अपनी पैरवी करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल इस मामले में व्यक्तिगत रूप से दलीलें रखेंगे।

इसके साथ ही केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने इस मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायाधीश Justice Swarana Kanta Sharma से खुद को अलग (रिक्यूज़) करने की मांग की है। यह आवेदन ऐसे समय में आया है जब अदालत में इस मामले को लेकर कई कानूनी चुनौतियां लंबित हैं।

इससे पहले हाईकोर्ट ने Arvind Kejriwal और अन्य आरोपियों को Enforcement Directorate (ED) की याचिका पर जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया था। ED ने निचली अदालत द्वारा उसके खिलाफ की गई “अनावश्यक टिप्पणियों” को हटाने की मांग की है, जब अदालत ने केजरीवाल को समन की अवहेलना के मामले में राहत दी थी।

ED ने उस ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें केजरीवाल को समन का पालन न करने के आरोप से बरी कर दिया गया था। 22 जनवरी के फैसले में Rouse Avenue Court ने कहा था कि ED यह साबित करने में असफल रही कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन की अनदेखी की।

इसके बाद 30 मार्च को ED ने हाईकोर्ट का रुख किया और इस फैसले को चुनौती दी। माना जा रहा है कि केजरीवाल खुद अदालत में पेश होकर रिक्यूज़ल याचिका पर दलीलें रखेंगे।

इस बीच, केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने Devendra Upadhyaya को पत्र लिखकर मामले को जस्टिस शर्मा की बेंच से हटाकर किसी अन्य बेंच को सौंपने की मांग की थी लेकिन हाईकोर्ट ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी जज के खुद को अलग करने का निर्णय उसी जज के विवेक पर निर्भर करता है।

11 मार्च को दिए गए एक प्रतिवेदन में केजरीवाल, Manish Sisodia और अन्य आरोपियों ने सुनवाई की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें “गंभीर, वास्तविक और उचित आशंका” है कि जस्टिस शर्मा के समक्ष सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ नहीं हो सकती।

इस मामले में पहले भी कई उतार-चढ़ाव आए हैं। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य को राहत देते हुए Central Bureau of Investigation (CBI) की आलोचना की थी कि वह अपने आरोपों को साबित करने में विफल रही।

फिलहाल, हाईकोर्ट इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। यह मामला अब एक बड़े कानूनी और राजनीतिक संघर्ष का रूप ले चुका है, जिसमें आगे और महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।