‘राघव चड्ढा का ATM वाला रोल खत्म’: Ravneet Singh Bittu का हमला, Arvind Kejriwal पर ‘बैंक’ मिलने का आरोप, Bhagwant Mann को चेतावनी
रेल राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu ने Aam Aadmi Party (AAP) पर तीखा हमला बोलते हुए राज्यसभा में उपनेता पद से Raghav Chadha को हटाए जाने के फैसले को आंतरिक कलह का संकेत बताया। साथ ही उन्होंने चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को खारिज..
नयी दिल्ली। रेल राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu ने Aam Aadmi Party (AAP) पर तीखा हमला बोलते हुए राज्यसभा में उपनेता पद से Raghav Chadha को हटाए जाने के फैसले को आंतरिक कलह का संकेत बताया। साथ ही उन्होंने चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को खारिज कर दिया।
बिट्टू ने कहा कि चड्ढा का पार्टी में “ATM” वाला रोल अब खत्म हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया, “वह Arvind Kejriwal के लिए फंड जुटाते थे, लेकिन अब उन्हें ‘बैंक’ मिल गया है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने पहले ही चड्ढा को आगाह किया था।
यह बयान ऐसे समय आया है जब चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच टकराव सार्वजनिक रूप से बढ़ गया है। हाल ही में AAP ने औपचारिक रूप से राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर चड्ढा को उपनेता पद से हटाने और सदन में उनके बोलने के अधिकार को सीमित करने की मांग की थी।
बिट्टू ने AAP की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए इसे “यूज एंड थ्रो” पार्टी बताया। उन्होंने Bhagwant Mann को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने केजरीवाल के साथ तालमेल नहीं रखा, तो उनका भी यही हश्र हो सकता है। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह वन-मैन शो है। जैसे ही किसी व्यक्ति की उपयोगिता खत्म होती है, उसे किनारे कर दिया जाता है।”
केंद्रीय मंत्री ने चड्ढा की संसदीय भूमिका की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने पंजाब के मुख्य मुद्दों की बजाय “समोसे और चटनी” जैसे छोटे मुद्दे उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी राज्य के हितों से ज्यादा बाहरी लोगों को प्राथमिकता देती है।
कैसे बढ़ा विवाद
Raghav Chadha और AAP नेतृत्व के बीच तनाव पिछले कई महीनों से बढ़ रहा था। धीरे-धीरे उन्हें संगठनात्मक भूमिकाओं और राजनीतिक अभियानों से अलग किया जाने लगा।
Raghav Chadha's role as 'ATM' is over.
Raghav's ability to collect money from Punjab and give it to Kejriwal is now over. Now Kejriwal has direct contact. pic.twitter.com/fLtM1g7zM1 — Ravneet Singh Bittu (@RavneetBittu) April 3, 2026
2 अप्रैल को स्थिति तब और बिगड़ गई, जब पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर उन्हें उपनेता पद से हटाने और पार्टी कोटे से बोलने का समय न देने की मांग की।
इसके अगले दिन 3 अप्रैल को चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर अपने संसदीय रिकॉर्ड का बचाव किया, जिसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। Bhagwant Mann समेत कई नेताओं ने उन पर पार्टी लाइन का पालन न करने, मुख्य मुद्दों पर हस्ताक्षर न करने और संसद में कम महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान देने के आरोप लगाए। मान ने यहां तक संकेत दिया कि चड्ढा “समझौता कर चुके” हो सकते हैं।
‘पंजाब मेरी आत्मा है’
बढ़ते विवाद के बीच Raghav Chadha ने रविवार को नया बयान और वीडियो जारी कर आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा, “पंजाब मेरे लिए सिर्फ चर्चा का विषय नहीं है, यह मेरी प्रतिबद्धता है, मेरी आत्मा है।”
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने संसद में लगातार राज्य के अहम मुद्दे—जैसे लंबित फंड, किसानों की समस्याएं, भूजल संकट और सीमा सुरक्षा—उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी के निर्देशों का पालन किया, जरूरत पड़ने पर वॉकआउट में हिस्सा लिया और जिन याचिकाओं का जिक्र किया जा रहा है, उनके लिए उन्हें कोई निर्देश नहीं मिला था।
चड्ढा ने आरोपों को “निराधार और दुर्भावनापूर्ण” बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा हंगामे की बजाय सार्थक मुद्दों पर ध्यान दिया।
यह विवाद अब AAP के भीतर बड़े नेतृत्व संकट का संकेत दे रहा है और Raghav Chadha की पार्टी में भूमिका को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। कभी Arvind Kejriwal के करीबी माने जाने वाले चड्ढा के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक मोड़ साबित हो सकता है।
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