RBI द्वारा सरकार को 2.5-3 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड डिविडेंड ट्रांसफर संभावित, शॉर्ट-टर्म बॉन्ड्स में तेजी
दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस वर्ष केंद्र सरकार को 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये के बीच का रिकॉर्ड लाभांश (डिविडेंड) ट्रांसफर कर सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, इस घोषणा से शॉर्ट-टर्म बॉन्ड मार्केट में तेजी देखी गई..
नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस वर्ष केंद्र सरकार को 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये के बीच का रिकॉर्ड लाभांश (डिविडेंड) ट्रांसफर कर सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, इस घोषणा से शॉर्ट-टर्म बॉन्ड मार्केट में तेजी देखी गई है। यह डिविडेंड पिछले वर्ष के 2.1 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक होगा।
डिविडेंड ट्रांसफर के प्रमुख कारण
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कारण |
विवरण |
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डॉलर बिक्री से कमाई |
FY25 में फरवरी तक RBI ने $371.6 अरब डॉलर बेचे, FY24 में पूरे वर्ष में यह आंकड़ा $153 अरब था। |
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डॉलर खरीद-बिक्री में मार्जिन |
ऐतिहासिक दर पर खरीदे गए डॉलर की तुलना में FY25 में अधिक दर पर बिक्री से विशाल लाभ |
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ब्याज आय |
रुपये और विदेशी प्रतिभूतियों (securities) से मिलने वाली ब्याज आय ने भी योगदान दिया |
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बैंकों को फंडिंग |
RBI द्वारा टाइट लिक्विडिटी के दौरान बैंकों को दिए गए फंड से भी आय अर्जित हुई |
सरकार के लिए प्रभाव
- राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी।
- बजट 2025-26 में सरकार ने RBI व सरकारी बैंकों से कुल 2.6 लाख करोड़ रुपये के लाभांश का अनुमान लगाया था, जबकि अकेले RBI से ही यह राशि उच्च हो सकती है।
- बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स, गरीबी उन्मूलन योजनाएं और आपातकालीन खर्चों के लिए सरकार को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।
पिछले वर्षों के डिविडेंड ट्रेंड
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वित्त वर्ष |
ट्रांसफर की गई राशि |
वृद्धि की तुलना |
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2023-24 |
₹87,416 करोड़ |
FY23 के लाभ के आधार पर |
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2024-25 |
₹2.1 लाख करोड़ |
रिकॉर्ड स्तर |
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2025-26 (अनुमानित) |
₹2.5-3 लाख करोड़ |
अब तक का सबसे ऊंचा |
बॉन्ड मार्केट पर असर
- RBI के उच्च डिविडेंड ट्रांसफर की संभावना से शॉर्ट-टर्म बॉन्ड्स में तेजी आई।
- निवेशकों को सरकार के राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने की क्षमता पर विश्वास मिला है।
विशेषज्ञों की राय
- रजनी सिन्हा (CareEdge Ratings): “डॉलर बिक्री से हुए भारी लाभ इस डिविडेंड का मुख्य कारण हो सकते हैं।”
- राधिका राव (DBS बैंक): “सरकार की खर्च योजनाओं को मजबूती मिलने के साथ-साथ, यह ट्रांसफर अब तक का रिकॉर्ड हो सकता है।”
RBI का यह संभावित रिकॉर्ड डिविडेंड न सिर्फ केंद्र सरकार की राजकोषीय स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि आर्थिक मंदी के संभावित खतरे से निपटने के लिए भी सरकार के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराएगा।
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