"आरएसएस में न ब्राह्मण, न मुसलमान, न ईसाई- केवल हिंदू शामिल हो सकते हैं..." : मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक बड़ा बयान दिया है। बेंगलुरु में आयोजित “100 इयर्स ऑफ़ संघ यात्रा : न्यू होराइज़न्स” (100 वर्षों की संघ यात्रा : नये क्षितिज) नामक दो दिवसीय व्याख्यान कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद उन्होंने कुछ सवालों के जवाब दिए..

"आरएसएस में न ब्राह्मण, न मुसलमान, न ईसाई- केवल हिंदू शामिल हो सकते हैं..." : मोहन भागवत
10-11-2025 - 10:35 AM

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक बड़ा बयान दिया है। बेंगलुरु में आयोजित “100 इयर्स ऑफ़ संघ यात्रा : न्यू होराइज़न्स” (100 वर्षों की संघ यात्रा : नये क्षितिज) नामक दो दिवसीय व्याख्यान कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद उन्होंने कुछ सवालों के जवाब दिए।

उनसे पूछा गया कि क्या मुसलमानों को आरएसएस में शामिल होने की अनुमति है? इस पर जवाब देते हुए मोहन भागवत ने कहा, आरएसएस में कोई ब्राह्मण नहीं है। कोई और जाति नहीं है। कोई मुसलमान नहीं है। कोई ईसाई नहीं है। केवल हिंदू हैं।”

शाखा में कौन आ सकता है?

मोहन भागवत ने आगे कहा कि इसलिए, अलग-अलग सम्प्रदायों के लोग.. चाहे वे मुसलमान हों, ईसाई हों या किसी और मत के हों, वे संघ में आ सकते हैं  लेकिन उन्हें अपनी धार्मिक पहचान शाखा के बाहर रखनी होगी।
आपकी विशिष्टता का स्वागत है लेकिन जब आप शाखा में आते हैं, तो आप भारत माता के पुत्र के रूप में आते हैं, इस हिंदू समाज के सदस्य के रूप में आते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि मुसलमान शाखा में आते हैं, ईसाई शाखा में आते हैं और हिंदू समाज की सभी जातियों के लोग शाखा में आते हैं। लेकिन हम किसी की गिनती नहीं करते, न ही पूछते हैं कि वे कौन हैं। हम सभी भारत माता के पुत्र  हैं, संघ इसी भावना से कार्य करता है।” भागवत के इस बयान पर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं।

संघ के उद्देश्य पर मोहन भागवत का स्पष्टीकरण

आरएसएस प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा,हम पूरे हिंदू समाज को एकजुट करना, संगठित करना और उसमें संस्कार भरना चाहते हैं ताकि वे एक समृद्ध और शक्तिशाली भारत का निर्माण करें, जो धर्म का ज्ञान  पूरी दुनिया को दे और विश्व को आनंद, सुख और शांति  प्रदान करे। यह कार्य पूरे समाज और पूरे राष्ट्र को मिलकर करना है। हम हिंदू समाज को इसके लिए तैयार कर रहे हैं। यही हमारा एकमात्र लक्ष्य  है।

उन्होंने आगे कहा, इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद हमें कुछ और नहीं करना। हमारा कार्य है सम्पूर्ण हिंदू समाज का संगठन करना। हम इसे पूरा करेंगे, और संगठित समाज बाकी सब कुछ कर लेगा। हमारा मिशन, हमारा लक्ष्य है एक संगठित और सशक्त हिंदू समाज।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।