पाक ने अगर भारतीयों पर हमला किया तो उसे चुकानी होगी ‘बहुत बड़ी कीमत’: श्रीनगर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि भारत ने पाकिस्तान की बर्बरता का जवाब ‘ऑपरेशन महादेव’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए दिया है और अगर यह “आतंकी देश” भारतीय नागरिकों का खून बहाता है तो उसे “बहुत भारी कीमत” चुकानी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि भारत ने पाकिस्तान की बर्बरता का जवाब ‘ऑपरेशन महादेव’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए दिया है और अगर यह “आतंकी देश” भारतीय नागरिकों का खून बहाता है तो उसे “बहुत भारी कीमत” चुकानी होगी।
सिन्हा श्रीनगर में बीएसएफ द्वारा 79वें स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित ‘पैडल फॉर एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ रैली में बोल रहे थे। इससे पहले एलजी ने यहां डल झील से ‘तिरंगा यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई और झील से बॉटनिकल गार्डन तक इस यात्रा में शामिल हुए।
उन्होंने कहा, “तिरंगा मेरा धर्म है, मेरी ताकत है और मेरी धड़कन है।” उपराज्यपाल ने तिरंगे को ऊंचा और सम्मानित रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पूर्वजों और वीरों को नमन किया।
सिन्हा ने कहा, “हजारों लोग गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने के लिए एकत्र हुए, जो हमारी एकता, गौरव और साझा पहचान का प्रतीक है। आज हमारी महान राष्ट्र की सफलता का जश्न मनाने का दिन है, लेकिन हमें अपने कर्तव्यों पर भी विचार करना चाहिए और अपनी उपलब्धियों को आगे बढ़ाना चाहिए। हमें सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के शहीद जवानों के बलिदान की नींव पर आधुनिक और समृद्ध जम्मू-कश्मीर का निर्माण करने का संकल्प लेना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि नए आत्मविश्वास और विश्वास के साथ जम्मू-कश्मीर के लोग अपनी तकदीर खुद लिख रहे हैं। “पीढ़ियों के अधूरे सपने आखिरकार पूरे हो रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग आगे बढ़ रहे हैं। यह देशभक्ति की भावना हमारी सबसे बड़ी ताकत है, जो जम्मू-कश्मीर और राष्ट्र के शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही है।”
सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का आकाश तिरंगे से जगमगा रहा है। “झेलम से लेकर चिनाब के किनारों तक और पीर पंजाल की चोटियों से हरमुख तक ‘भारत माता की जय’ की गूंज सुनाई दे रही है। एक नई पीढ़ी उभर रही है, जो तिरंगे के सम्मान और गौरव को समर्पित है।”
इस मौके पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह भारत की पहचान, गौरव और अनगिनत देशभक्तों के बलिदान का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने याद दिलाया कि एक समय ऐसा भी था जब तिरंगा केवल सरकारी इमारतों पर फहराने की अनुमति थी और इसे घरों, कार्यस्थलों या निजी स्थानों पर लगाने की मनाही थी। उन्होंने कहा, “हमने ऐसी हकीकत देखी थी, तिरंगा देश का था लेकिन हमारे निजी जीवन से गायब था।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि कैसे एक दृढ़ निश्चयी नागरिक अदालत गया और हर भारतीय को अपने घर पर तिरंगा फहराने का अधिकार दिलाया। उन्होंने कहा, “यह इस बात का सबूत है कि सही इरादों वाला एक व्यक्ति भी स्थायी बदलाव ला सकता है।”
उमर ने तिरंगे की गरिमा के लिए प्राण न्योछावर करने वालों को श्रद्धांजलि दी… “उन्होंने देश के भविष्य के लिए अपना वर्तमान कुर्बान किया, ज़रूरत पड़ी तो अकेले खड़े रहे, और विश्वास किया कि उनका एक साहसी कदम तिरंगे की मर्यादा की रक्षा कर सकता है।”
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