संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता मिली पाकिस्तान को, बलूच नेता हरबयार मारी बोले , "यूएन की साख पर खतरा, आतंक को मिली मान्यता"
बलूचिस्तान के स्वतंत्रता समर्थक नेता हरबयार मारी ने जुलाई महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता पाकिस्तान को मिलने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस फैसले को "वैश्विक मानवाधिकारों का अपमान" बताते हुए..
नयी दिल्ली। बलूचिस्तान के स्वतंत्रता समर्थक नेता हरबयार मारी ने जुलाई महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता पाकिस्तान को मिलने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस फैसले को "वैश्विक मानवाधिकारों का अपमान" बताते हुए कहा कि यह कदम दुनिया की स्थिरता को खतरे में डाल सकता है।
"जिस पर आरोप हैं, उसे ही गवेल सौंप दी गई है"
मारी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “जब आरोपी को न्याय का हथौड़ा सौंपा जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता खो जाती है। इस फैसले ने दर्शाया है कि वैश्विक कूटनीति में जवाबदेही की जगह अब विशेषाधिकार ने ले ली है।”
शांति की बातें, पर इतिहास हिंसा का
मारी ने पाकिस्तान के यूएन स्थायी प्रतिनिधि द्वारा शांति और कूटनीति को बढ़ावा देने की बात को "विडंबनापूर्ण" बताया और कहा, “जो देश आज शांति की बात कर रहा है, उसने आतंकवाद का निर्यात किया है, और अपने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किया है।”
इतिहास के उदाहरण
मारी ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र किया..
- अफगान नागरिकों की हत्याएं – दशकों तक पाकिस्तान की दखलअंदाजी।
- 1971 का बांग्लादेश नरसंहार – बंगाली नागरिकों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई।
- जॉर्डन में फिलिस्तीनियों की हत्या – जनरल ज़िया-उल-हक (तब ब्रिगेडियर) पर आरोप।
- बलूचों पर अत्याचार – 1948 में बलूचिस्तान के जबरन विलय के बाद से लगातार दमन।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने यूएन चार्टर के अनुच्छेद 2 का उल्लंघन करते हुए बलूच क्षेत्र पर कब्ज़ा किया और हजारों बलूच नागरिकों की हत्या व जबरन गायब करने की घटनाओं को अंजाम दिया।
विश्वासघात और बलूच इतिहास
मारी ने दो प्रमुख घटनाओं का उल्लेख किया..
- प्रिंस अब्दुल करीम, जो ख़ान ऑफ़ कलात के छोटे भाई थे। उन्होंने शांतिपूर्ण वार्ता की कोशिश की, लेकिन 17 साल की जेल मिली।
- नवाब नौरोज़ ख़ान के बेटों को फांसी – पाकिस्तान ने कुरान की कसम खाकर सुरक्षित वार्ता का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में खुलेआम विश्वासघात किया।
"पंजाबी प्रभुत्व वाला सैन्यीकृत राज्य"
मारी ने पाकिस्तान को एक कृत्रिम और सैन्यीकृत राज्य बताया जो पंजाबी प्रभुत्व में चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि..
- अल्पसंख्यकों की पहचान को कुचला जा रहा है।
- जबरन गायबियाँ, यातना, धार्मिक परिवर्तन, और फर्ज़ी मुठभेड़ में हत्याएं की जा रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेतावनी
मारी ने विश्व समुदाय से अपील की, “आपका यह फैसला एक दमनकारी और आतंक समर्थक शासन को नैतिक समर्थन देता है।
लोकतांत्रिक देशों को पाकिस्तान की UNSC अध्यक्षता रद्द करनी चाहिए और उसे एक 'रूग स्टेट' (दुष्ट राष्ट्र) के रूप में मान्यता देनी चाहिए।”
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