ट्रंप का दावा: टैरिफ से घटेगा 37 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी कर्ज़; अर्थशास्त्रियों ने बताया कि यह गणित क्यों नहीं सही बैठता..!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 अगस्त 2025 को दोहराया कि आयात पर लगाए गए टैरिफ से होने वाली कमाई अमेरिका के भारी-भरकम कर्ज़ को चुकाने के लिए पर्याप्त होगी। इस महीने की शुरुआत में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं जो कर रहा हूं उसका मुख्य उद्देश्य कर्ज़ चुकाना है, जो बड़े पैमाने पर होगा। लेकिन, मुझे लगता है कि हमारे पास इतना पैसा..

ट्रंप का दावा: टैरिफ से घटेगा 37 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी कर्ज़; अर्थशास्त्रियों ने बताया कि यह गणित क्यों नहीं सही बैठता..!
19-08-2025 - 09:21 AM

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 अगस्त 2025 को दोहराया कि आयात पर लगाए गए टैरिफ से होने वाली कमाई अमेरिका के भारी-भरकम कर्ज़ को चुकाने के लिए पर्याप्त होगी। इस महीने की शुरुआत में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, मैं जो कर रहा हूं उसका मुख्य उद्देश्य कर्ज़ चुकाना है, जो बड़े पैमाने पर होगा। लेकिन, मुझे लगता है कि हमारे पास इतना पैसा आ सकता है कि हम अमेरिकी जनता को डिविडेंड भी दे सकें।”

ट्रंप का प्रस्ताव इस विचार पर आधारित है कि आयात पर लगाए गए टैरिफ संघीय सरकार के लिए भारी आमदनी देंगे।

वित्त मंत्रालय के आंकड़े कुछ और कहते हैं

आधिकारिक ट्रेज़री स्टेटमेंट्स हालांकि ट्रंप के इस आशावाद से मेल नहीं खाते। जुलाई में अकेले अमेरिका सरकार ने $60.95 बिलियन (अरब डॉलर) ट्रेज़री सिक्योरिटीज पर ब्याज चुकाया, जबकि टैरिफ से केवल $29.6 बिलियन मिले।
इसका मतलब है कि टैरिफ से होने वाली कमाई मासिक ब्याज भुगतान का आधे से भी कम कवर करती है, जिससे मूल कर्ज़ चुकाने का तो सवाल ही नहीं उठता। अमेरिका का कुल कर्ज़ वर्तमान में $37 ट्रिलियन है।

अर्थशास्त्रियों की चेतावनी

कई विशेषज्ञों ने राष्ट्रपति के इस “कर्ज़ घटाने वाले गणित” पर संदेह जताया है।

  • प्रोफेसर जोआओ गोम्स (व्हार्टन)
    यह कहना कि टैरिफ से राष्ट्रीय कर्ज़ चुका दिया जाएगा, बहुत बड़ी अतिशयोक्ति है।”
    उन्होंने माना कि टैरिफ से कर्ज़ बढ़ने की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन कहा:
    हर साल सरकार को $1.8 ट्रिलियन का नया कर्ज़ लेना पड़ता है… सबसे अच्छा जो हो सकता है, वह यह कि टैरिफ उस वार्षिक घाटे को थोड़ा कम कर दें, जिससे कर्ज़ धीरे-धीरे बढ़े।”
  • डॉ. डेसमंड लैचमैन (अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टिट्यूट, पूर्व IMF अधिकारी)
    यह कहना कि $300 बिलियन जुटाकर इतना बड़ा कर्ज़ कम हो जाएगा, बिल्कुल गलत है। यह तो महासागर में एक बूँद जैसा है। देश बहुत खतरनाक कर्ज़ की दिशा में जा रहा है।”

बाज़ार और निवेशकों की प्रतिक्रिया

लगभग 26% अमेरिकी कर्ज़ विदेशी निवेशकों के पास है, इसलिए निवेशकों का भरोसा अहम है। डॉ. लैचमैन ने कहा, बाज़ार मूर्ख नहीं हैं। वे खुद गणित करके समझ लेते हैं कि यह दावा बेमानी है।”

सोने की कीमतें पिछले एक साल में 27% बढ़ चुकी हैं, जो निवेशकों की चिंता दर्शाता है। हालांकि ट्रेज़री यील्ड्स अब तक स्थिर रही हैं, जो बताती हैं कि बॉन्ड मार्केट घबराया नहीं है।

प्रोफेसर गोम्स ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने राजस्व जुटाने के “अजीब तरीके” खोजने की क्षमता दिखाई है, जैसे टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट्स पर शुल्क, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे उपाय कर्ज़ की तस्वीर मूल रूप से नहीं बदल सकते।

बड़ा वित्तीय परिदृश्य

व्हाइट हाउस भले ही कर्ज़-से-जीडीपी अनुपात घटने और “रिकॉर्ड टैरिफ आमदनी” पर जोर दे रहा हो, लेकिन वास्तविक आंकड़े बताते हैं कि टैरिफ सिर्फ कर्ज़ की रफ्तार धीमी कर सकते हैं, उसे घटा नहीं सकते।

कॉन्फ्रेंस बोर्ड पहले ही चेतावनी दे चुका है कि कर्ज़ संकट आ चुका है।”
उसने संरचनात्मक सुधारों की मांग की है, जिनमें दलीय वित्तीय समितियाँ और सोशल सिक्योरिटी में बदलाव शामिल हैं।

टिप्पणीः-

राष्ट्रपति ट्रंप का साहसिक वादा अर्थशास्त्रियों और बाज़ार विशेषज्ञों में गहरी शंका पैदा कर रहा है।
टैरिफ से कुछ अतिरिक्त आय भले ही हो लेकिन अमेरिका के कर्ज़ और उसकी देनदारियों के बीच की खाई बहुत बड़ी है।
जैसा कि प्रोफेसर गोम्स ने सारांश में कहा, यह सोचना कि कर्ज़ कम हो जाएगा… बिल्कुल अकल्पनीय है। हमें कभी इतनी राजस्व प्राप्ति नहीं हो सकती।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।