HDFC बैंक पर KYC नियमों के उल्लंघन के चलते RBI ने लगाया 75 लाख रुपये का जुर्माना
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने HDFC बैंक लिमिटेड पर 75 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह दंड बैंक के "नो योर कस्टमर" (KYC) दिशानिर्देशों के पालन में कमी के कारण लगाया गया है। यह आदेश 24 मार्च 2025 को जारी किया गया, जो बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 47A(1)(c) और धारा 46(4)(i) के तहत पारित किया गया।
नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने HDFC बैंक लिमिटेड पर 75 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह दंड बैंक के "नो योर कस्टमर" (KYC) दिशानिर्देशों के पालन में कमी के कारण लगाया गया है। यह आदेश 24 मार्च 2025 को जारी किया गया, जो बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 47A(1)(c) और धारा 46(4)(i) के तहत पारित किया गया। यह कार्रवाई बैंकिंग क्षेत्र में कड़े नियामक मानकों को लागू करने की RBI की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
निरीक्षण और निगरानी मूल्यांकन
HDFC बैंक की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने के लिए "वैधानिक निरीक्षण एवं पर्यवेक्षी मूल्यांकन (ISE 2023)" किया गया, जो 31 मार्च 2023 की स्थिति के आधार पर था। इस निरीक्षण के दौरान RBI दिशानिर्देशों के उल्लंघन के कई मामले सामने आए, जिसके बाद बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया कि उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।
मुख्य उल्लंघन के मुद्दे
HDFC बैंक द्वारा प्रस्तुत उत्तर और अतिरिक्त स्पष्टीकरणों की समीक्षा के बाद, RBI ने दो प्रमुख अनुपालन विफलताओं की पहचान की:
- जोखिम वर्गीकरण में चूक:
बैंक ग्राहकों को उनकी जोखिम धारणा के आधार पर निम्न, मध्यम या उच्च जोखिम श्रेणियों में वर्गीकृत करने में विफल रहा। - एकाधिक ग्राहक पहचान कोड जारी करना:
HDFC बैंक ने कुछ ग्राहकों को अद्वितीय ग्राहक पहचान कोड (UCIC) आवंटित करने के बजाय कई ग्राहक पहचान कोड जारी किए, जिससे पहचान और ट्रांजेक्शन मॉनिटरिंग में त्रुटियां हुईं।
जुर्माने पर स्पष्टीकरण
RBI ने स्पष्ट किया कि यह मौद्रिक दंड केवल नियामक अनुपालन की कमियों से संबंधित है। यह बैंक और उसके ग्राहकों के बीच किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता को प्रभावित नहीं करता। इसके अतिरिक्त, RBI ने यह भी कहा कि इस जुर्माने के अलावा, वह आवश्यकतानुसार अन्य नियामक कार्रवाइयां भी कर सकता है।
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