आरबीआई की बैलेंस शीट 8.2 प्रतिशत बढ़कर FY25 में पहुँची ₹76.25 लाख करोड़

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की बैलेंस शीट का आकार 31 मार्च 2025 तक वर्ष-दर-वर्ष 8.20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹76.25 लाख करोड़ तक पहुँच गया..

आरबीआई की बैलेंस शीट 8.2 प्रतिशत बढ़कर FY25 में पहुँची ₹76.25 लाख करोड़
30-05-2025 - 06:27 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

मुंबई। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की बैलेंस शीट का आकार 31 मार्च 2025 तक वर्ष-दर-वर्ष 8.20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹76.25 लाख करोड़ तक पहुँच गया, जिससे केंद्र सरकार को ₹2.69 लाख करोड़ का रिकॉर्ड लाभांश मिला।

RBI की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार, संपत्तियों की ओर यह वृद्धि मुख्य रूप से सोने, घरेलू निवेश और विदेशी निवेश में क्रमशः 52.09 प्रतिशत, 14.32 प्रतिशत और 1.70 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण हुई।

इस वर्ष आरबीआई की आय में 22.77 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि व्यय में 7.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कुल अधिशेष (सरप्लस) ₹2,68,590.07 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष यह ₹2,10,873.99 करोड़ था – जो 27.37 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।”

RBI की बैलेंस शीट उसके विभिन्न कार्यों जैसे मुद्रा जारी करना, मौद्रिक नीति और भंडार प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों को दर्शाती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बैलेंस शीट का आकार ₹5,77,718.72 करोड़, यानी 8.20 प्रतिशत, बढ़कर 31 मार्च 2024 को ₹70,47,703.21 करोड़ से 31 मार्च 2025 को ₹76,25,421.93 करोड़ हो गया।

देयताओं (liabilities) की ओर यह विस्तार मुख्यतः मुद्राओं के निर्गमन, पुनर्मूल्यांकन खातों और अन्य देयताओं में क्रमशः 6.03 प्रतिशत, 17.32 प्रतिशत और 23.31 प्रतिशत की वृद्धि के कारण हुआ।

31 मार्च 2025 तक कुल संपत्तियों में

  • घरेलू संपत्तियों की हिस्सेदारी: 25.73 प्रतिशत
  • विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ, सोना (जमा और भारत में रखे गए सहित) और
  • भारत के बाहर वित्तीय संस्थाओं को दिए गए ऋण: 74.27 प्रतिशत रही।
    (
    जबकि पिछले वर्ष क्रमशः 23.31 प्रतिशत और 76.69 प्रतिशत थी।)

₹44,861.70 करोड़ की राशि आपातकालीन निधि (Contingency Fund) में स्थानांतरित कर प्रावधान के रूप में रखी गई।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।