राहुल गांधी की पीएम मोदी से 90 मिनट की दुर्लभ मुलाकात: कौन-कौन से मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच बुधवार को करीब डेढ़ घंटे तक चली एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह मुलाकात सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (CIC) में शीर्ष पदों पर नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए बुलाई गई..
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच बुधवार को करीब डेढ़ घंटे तक चली एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह मुलाकात सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (CIC) में शीर्ष पदों पर नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए बुलाई गई थी।
कौन-कौन से पदों पर चर्चा हुई?
सूत्रों के अनुसार, बैठक में निम्नलिखित पदों पर नियुक्तियों पर विचार हुआ..
- मुख्य सूचना आयुक्त (Chief Information Commissioner)
- आठ सूचना आयुक्त (Information Commissioners)
- सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) में विजिलेंस कमिश्नर
बैठक 90 मिनट तक चली, जो राहुल गांधी और पीएम मोदी के बीच इस तरह की सबसे लंबी और दुर्लभ बैठकों में से एक मानी जा रही है।
राहुल गांधी ने दर्ज किया असहमति नोट
सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी ने नियुक्तियों पर ‘dissent note’ (असहमति नोट) दिया है।
हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह असहमति किसी एक पद के लिए है या कई पदों के लिए।
नियुक्तियों की प्रक्रिया क्या है?
नियमों के अनुसार, इन महत्वपूर्ण पदों का चयन तीन सदस्यों की समिति करती है..
- प्रधानमंत्री
- प्रधानमंत्री द्वारा चुना गया एक केंद्रीय मंत्री
- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष
इस बार प्रधानमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह को इन नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए अधिकृत किया था।
क्या है सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (CIC)?
- CIC की स्थापना 2005 में सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत हुई।
- इसका अधिकार क्षेत्र सभी केंद्रीय सार्वजनिक प्राधिकरणों पर लागू होता है।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य सूचना आयुक्त और आठ सूचना आयुक्तों के पद पिछले तीन महीने से खाली पड़े हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।
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