राम मंदिर चंदा चोरी: SIT को नकद चोरी के लगभग 70 कथित मामले मिले

राम मंदिर में दान (चंदे) की कथित चोरी और गबन की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) की एक प्रारंभिक रिपोर्ट में दान गिनने वाले कक्ष के अंदर बार-बार चोरी होने के मामले सामने आए हैं, जो गंभीर सुरक्षा खामियों और कमजोर निगरानी को उजागर..

राम मंदिर चंदा चोरी: SIT को नकद चोरी के लगभग 70 कथित मामले मिले
07-07-2026 - 12:20 PM

राम मंदिर में दान (चंदे) की कथित चोरी और गबन की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) की एक प्रारंभिक रिपोर्ट में दान गिनने वाले कक्ष के अंदर बार-बार चोरी होने के मामले सामने आए हैं, जो गंभीर सुरक्षा खामियों और कमजोर निगरानी को उजागर करते हैं।

ये निष्कर्ष सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपे गए। रिपोर्ट में उन छह नकदी गिनने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की गई है जिन्हें पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही, गिनती प्रक्रिया की निगरानी करने और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की व्यापक जांच की मांग की गई है।

ट्रस्ट की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि प्रारंभिक SIT रिपोर्ट ट्रस्टियों के सामने पढ़कर सुनाई गई, लेकिन उस पर न तो चर्चा हुई और न ही बहस, क्योंकि जांच अभी भी जारी है।

SIT का कहना है, CCTV फुटेज में बार-बार चोरी पकड़ी गई

SIT के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून, 2026 के बीच रिकॉर्ड किए गए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में कथित तौर पर लगभग 70 ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें कर्मचारियों को नोटों की गड्डियों और खुली नकदी को अपने कपड़ों, जेबों और यहां तक ​​कि जूतों में छिपाते हुए देखा गया है। जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि फुटेज अलग-अलग घटनाओं के बजाय चोरी के एक निरंतर सिलसिले की ओर इशारा करते हैं।

गिरफ्तार किए गए छह लोगों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। SIT ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, बरामदगी के रिकॉर्ड और वित्तीय सबूत प्रथम दृष्टया उनकी संलिप्तता का प्रमाण देते हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अविनाश शुक्ला और मनीष कुमार यादव को बार-बार नकदी छिपाते देखा गया, जबकि बाकी आरोपियों ने कथित तौर पर कई मौकों पर चोरी को सुविधाजनक बनाने में मदद की। इसमें चोरी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक गबन, चोरी की संपत्ति रखने और आपराधिक साजिश सहित अन्य आरोपों की सिफारिश की गई है।

SIT ने यह भी संकेत दिया है कि कथित गबन अब तक सामने आए मामलों से कहीं बहुत बड़ा हो सकता है। चूंकि सीमित स्टोरेज के कारण सीसीटीवी सिस्टम ने पुरानी रिकॉर्डिंग को अपने आप ओवरराइट (मिटाकर नया रिकॉर्ड) कर दिया था, इसलिए 27 अप्रैल से पहले के फुटेज उपलब्ध नहीं थे। आरोपियों के बयानों और बैंक लेनदेन के विश्लेषण से पता चलता है कि इससे पहले भी इसी तरह की चोरियां हुई होंगी।

एक अन्य बरामदगी में, जांचकर्ताओं को 4 जून को गिनती कक्ष के बगल वाले वॉशरूम के अंदर ₹2.25 लाख नकद मिले। SIT ने आरोपियों के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को भी चिन्हित किया। हालांकि नकद गिनने वाले कर्मचारियों का वेतन प्रति माह लगभग ₹20,000 था (कटौती के बाद लगभग ₹15,000), जांचकर्ताओं को भारी मात्रा में नकद जमा, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और अन्य बैंक लेनदेन मिले जो उनकी ज्ञात आय से असंगत प्रतीत होते हैं। रिपोर्ट में संदेह जताया गया है कि दान का पैसा आरोपियों के साथ-साथ उनके रिश्तेदारों के व्यक्तिगत खातों के माध्यम से भेजा गया होगा। जांचकर्ता अब यह निर्धारित करने के लिए इस वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं कि क्या कथित चोरी में कोई बड़ा नेटवर्क शामिल था।

सुरक्षा खामियों के कारण चोरी जारी रही

SIT ने कथित चोरी को बिना पकड़े जाने देने के लिए कई सुरक्षा विफलताओं को जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट के अनुसार:

  • प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अनिवार्य तलाशी नहीं ली गई।
  • बिना जेब वाली वर्दी लागू नहीं की गई।
  • कर्मचारियों को गिनती कक्ष के अंदर निजी सामान ले जाने की अनुमति दी गई।
  • बायोमेट्रिक उपस्थिति की निगरानी खराब थी।
  • गिनती से पहले अलग-अलग हुंडियों (दान पेटियों) से मिले दान को मिला दिया गया था और नोटों के प्रकार (मूल्यवर्ग) के अनुसार रिकॉर्ड नहीं रखा गया था।

जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल गिनती कक्ष की सक्रिय रूप से निगरानी करने के बजाय केवल फुटेज रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता था, जिससे निगरानी कमजोर हुई। रिपोर्ट में फरवरी 2025 में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में किए गए उन बदलावों पर सवाल उठाया गया है, जब अनिवार्य तलाशी की जगह रैंडम (औचक) जांच शुरू की गई थी। SIT ने यह भी उल्लेख किया कि उन ढीले नियमों को भी ठीक से लागू नहीं किया गया था।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।