न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था बनाने के लिए भारत–रूस साथ काम कर रहे हैं: पुतिन, राष्ट्रपति भवन के भोज में
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक भोज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे “सबका साथ, सबका विकास” की गूंज दोहराई। मोदी और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के साथ मंच साझा करते हुए पुतिन ने कहा, “भारत में आप कहते हैं—साथ चलें, साथ बढ़ें। ये शब्द भारत–रूस संबंधों के स्वभाव और चरित्र को वास्तव में दर्शाते हैं, और हम अपनी जनता के हित में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे..
नयी दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक भोज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे “सबका साथ, सबका विकास” की गूंज दोहराई।
मोदी और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के साथ मंच साझा करते हुए पुतिन ने कहा, “भारत में आप कहते हैं—साथ चलें, साथ बढ़ें। ये शब्द भारत–रूस संबंधों के स्वभाव और चरित्र को वास्तव में दर्शाते हैं, और हम अपनी जनता के हित में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।”
पुतिन ने कहा, “यह साझेदारी समानता, सम्मान और एक-दूसरे के हितों की पारस्परिक समझ के सिद्धांतों पर आधारित है। यह लगातार और मजबूत हो रही है। हमारे भारतीय मित्रों के साथ कल और आज हुई बातचीत बेहद खुली और रचनात्मक रही। भारत और रूस मिलकर एक अधिक न्यायपूर्ण और संतुलित विश्व व्यवस्था स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं।”
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा—यह यात्रा रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुतिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा भारत–रूस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ का अहम मील का पत्थर है। यह साझेदारी अक्टूबर 2000 में पुतिन के भारत दौरे के दौरान स्थापित हुई थी।
मुर्मू ने कहा कि यह संबंध “शांति, स्थिरता, तथा पारस्परिक सामाजिक-आर्थिक और तकनीकी प्रगति” के साझा संकल्प पर आधारित है। उन्होंने कहा कि 23वें भारत–रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का संयुक्त बयान इन विशेष संबंधों की प्रकृति को दर्शाता है।
राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संवाद को भी याद किया, प्राचीन व्यापार मार्गों से लेकर महात्मा गांधी और लियो टॉल्स्टॉय के बीच प्रेरणादायक पत्राचार तक, और एक-दूसरे की सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक विरासत के प्रति पारस्परिक सम्मान तक।
राष्ट्रपति भवन में विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी और विशेष भारतीय थाली
रात्रिभोज में केंद्रीय मंत्रियों—सुशील कुमार जयशंकर, निर्मला सीतारमण, सरबानंद सोनोवाल, पीयूष गोयल—के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हुए।
भोज में भारतीय व्यंजनों की विशेष थाली परोसी गई, जिसमें शामिल थे:
- शीरमाल
- कश्मीर का मोरेल मशरूम व्यंजन
- पश्चिम बंगाल का गुड़ संदेश
- दक्षिण भारत का लोकप्रिय स्नैक—मुरुक्कु
शाम का आकर्षण राष्ट्रपति भवन नेवल बैंड का विशेष प्रदर्शन भी रहा।
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