सावरकर का नाम कानून में जोड़ने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि विनायक दामोदर सावरकर का नाम "प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम, 1950" की अनुसूची में शामिल किया जाए..

सावरकर का नाम कानून में जोड़ने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
28-05-2025 - 05:07 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि विनायक दामोदर सावरकर का नाम "प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम, 1950" की अनुसूची में शामिल किया जाए। यह अधिनियम कुछ प्रतीकों और नामों के पेशेवर और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए अनुचित उपयोग को रोकने के लिए बनाया गया है।

मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के किसी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं हुआ है।

याचिकाकर्ता, जो खुद पेश हुए थे, ने पीठ से कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से सावरकर पर शोध कर रहे हैं और उन्हें सावरकर से जुड़े कुछ तथ्यों को कानूनी रूप से प्रमाणित तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा, "मैं न्यायालय से अनुरोध करता हूं कि वह उत्तरदाता संख्या दो (भारत सरकार) और उत्तरदाता संख्या तीन (गृह मंत्रालय) को निर्देश दे कि सावरकर जी का नाम 1950 के अधिनियम की अनुसूची में जोड़ा जाए।"

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने पूछा, "आपके किस मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है?" याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 51A का हवाला दिया, जो नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों से संबंधित है।
उन्होंने कहा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मेरे मौलिक कर्तव्यों को बाधित नहीं कर सकते।"

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 32 के तहत याचिका केवल तभी स्वीकार की जा सकती है जब मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ हो।

पीठ ने कहा, "अगर आप चाहते हैं कि सावरकर से जुड़ी कोई जानकारी पाठ्यक्रम में शामिल हो, तो इसके लिए भारत सरकार को ज्ञापन दें।"

इस पर याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने पहले ही सरकार को एक ज्ञापन सौंपा है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

पृष्ठभूमि में एक और मामला

इसी विषय से जुड़े एक अन्य मामले में, 25 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सावरकर पर महाराष्ट्र में एक रैली के दौरान दिए गए ‘गैर-जिम्मेदाराना’ बयानों के लिए फटकार लगाई थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही पर रोक भी लगा दी थी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।