एपस्टीन फाइल्स में सामने आया पुराना FBI इनटेक फॉर्म, ट्रंप पर लगे आरोपों ने फिर मचाया हंगामा
ट्रंप–एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में आरोप है कि तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेफ्री एपस्टीन के साथ मिलकर एक महिला का बलात्कार किया। रेडैक्टेड रिपोर्ट में “उसने मेरे साथ बलात्कार किया” जैसे शब्द उद्धृत हैं और आगे यह भी लिखा है कि “डोनाल्ड जे. ट्रंप ने जेफ्री एपस्टीन के साथ मिलकर उसके साथ बलात्कार किया,” जिसमें एपस्टीन और गिस्लेन मैक्सवेल का नाम जोड़ा गया..
वॉशिंगटन। अक्टूबर 2020 का एक FBI इनटेक फॉर्म, जो हाल ही में बिना सेंसर की गई नई एपस्टीन फाइलों में दबा हुआ था, अब सुर्खियों में आ गया है। इस दस्तावेज़ में किसी व्यक्ति द्वारा नेशनल थ्रेट ऑपरेशंस सेंटर को कॉल कर यह दावा किया गया था कि ट्रंप–एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में आरोप है कि तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेफ्री एपस्टीन के साथ मिलकर एक महिला का बलात्कार किया। रेडैक्टेड रिपोर्ट में “उसने मेरे साथ बलात्कार किया” जैसे शब्द उद्धृत हैं और आगे यह भी लिखा है कि “डोनाल्ड जे. ट्रंप ने जेफ्री एपस्टीन के साथ मिलकर उसके साथ बलात्कार किया,” जिसमें एपस्टीन और गिस्लेन मैक्सवेल का नाम जोड़ा गया है।
फाइल के एक अन्य हिस्से में एक महिला का जिक्र है, जिसने कथित तौर पर 1997 में अपनी बेटियों को एक महंगे होटल में आमंत्रित किया था, जहां उनकी मुलाकात ट्रंप और उनके कुछ दोस्तों से हुई। हालांकि, इसमें न तो किसी की उम्र बताई गई है और न ही नाम उजागर किए गए हैं।
इसके अलावा, डलास के एक लिमोज़ीन ड्राइवर का भी जिक्र है, जिसने दावा किया कि वह एक बार ट्रंप को DFW एयरपोर्ट तक लेकर गया था और रास्ते में उसने ट्रंप को फोन पर बार-बार “जेफ्री” का नाम लेते हुए किसी “लड़की के साथ दुर्व्यवहार” की बात करते सुना।
ट्रंप–एपस्टीन फाइलों के जारी होते ही अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आ गया और साइट कुछ समय के लिए ठप हो गई। व्हाइट हाउस ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे DOJ के हवाले कह दिया और कहा कि ये “सनसनीखेज और झूठे” इनपुट हैं, जिन्हें 2020 के चुनाव से ठीक पहले जानबूझकर डाला गया था। गिस्लेन मैक्सवेल के वकील ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जबकि TMZ की ओर से संपर्क की कोशिश की गई थी। इन दावों के आधार पर कभी कोई आरोप तय नहीं हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स में क्या कहा गया?
टाइम मैगज़ीन ने बताया कि यह फाइल हजारों पन्नों में शामिल सिर्फ एक अप्रमाणित सूचना (अनवेरिफाइड टिप) है, जिसे उस समय आगे बढ़ाकर जांच ही नहीं की गई थी। रॉयटर्स के अनुसार, इन दस्तावेज़ों में ट्रंप का नाम कई बार आता हैलेकिन कानूनी रूप से ऐसा कोई नया तथ्य सामने नहीं आया है जो पहले से ज्ञात बातों से आगे जाता हो।
फ्लाइट लॉग्स के मुताबिक, 1990 के दशक में ट्रंप ने कम से कम आठ बार एपस्टीन के विमान से यात्रा की थी लेकिन ये उड़ानें पाम बीच से न्यूयॉर्क के बीच थीं। इनमें किसी द्वीप की यात्रा या किसी अपराध का उल्लेख नहीं है।
न्याय विभाग ने इन एपस्टीन फाइलों को जारी करते समय पहले ही चेतावनी दी थी कि इनमें बहुत सी अप्रमाणित और राजनीतिक रूप से प्रेरित जानकारियां भी शामिल हैं।
लिमोज़ीन ड्राइवर और होटल की कहानी से बढ़ा विवाद
डलास के उस ड्राइवर का दावा है कि उसने 1990 के दशक में एयरपोर्ट जाते समय ट्रंप को फोन पर “जेफ्री” का नाम लेते हुए सुना था। लेकिन, न तो कोई तारीख दी गई और न ही इस दावे की कभी पुष्टि हुई। होटल से जुड़ी कहानी भी संदिग्ध मानी जा रही है क्योंकि इसमें कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है और ज्यादातर विवरण रेडैक्टेड हैं।
फ्लाइट रिकॉर्ड्स यह जरूर पुष्टि करते हैं कि ट्रंप ने शुरुआती 1990 के दशक में एपस्टीन के विमान से कई बार यात्रा की लेकिन ये उड़ानें सीमित रूट्स पर थीं। गिस्लेन मैक्सवेल को 2021 में 20 साल की सजा सुनाई गई थी, जबकि जेफ्री एपस्टीन की 2019 में जेल में मौत हो गई थी। इन नई फाइलों से पुराने मामलों पर ही फिर से बहस छिड़ी है।
पोलिटिको के मुताबिक, DOJ ने समयसीमा के दबाव में यह दस्तावेज़ों का सेट शुक्रवार को जारी किया, जबकि पीड़ितों से जुड़ी जानकारियों को लेकर आगे और रेडैक्शन किए जाने हैं। ट्रंप पहले एपस्टीन के करीबी माने जाते थे लेकिन 2004 के बाद उन्होंने उससे पूरी तरह दूरी बना ली थी।
DOJ का रुख
न्याय विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि ये FBI इनटेक फॉर्म चुनाव से पहले नुकसान पहुंचाने के इरादे से दी गई झूठी जानकारियां थीं। ट्रंप की टीम ने भी दावा किया कि यह सब 2020 के चुनाव के दौरान राजनीतिक साजिश का हिस्सा था। इन आरोपों के आधार पर न तो कोई गिरफ्तारी हुई और न ही कोई मुकदमा चला।
एपस्टीन फाइलों को लेकर जनता की राय बंटी हुई है—कुछ लोग इसे सच्चाई दबाने की कोशिश बता रहे हैं, तो कुछ इसे पूरी तरह फर्जी करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में और दस्तावेज़ जारी होने की संभावना है, हालांकि पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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