शेफाली और स्पिन तिकड़ी का जलवा, भारत ने सात विकेट से दर्ज की शानदार जीत
शेफाली वर्मा की विस्फोटक नाबाद 69 रन की पारी और स्पिन तिकड़ी के अनुशासित प्रदर्शन की बदौलत भारत ने मंगलवार को यहां खेले गए दूसरे महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में श्रीलंका को सात विकेट से करारी शिकस्त..
विशाखापट्टनम। शेफाली वर्मा की विस्फोटक नाबाद 69 रन की पारी और स्पिन तिकड़ी के अनुशासित प्रदर्शन की बदौलत भारत ने मंगलवार को यहां खेले गए दूसरे महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में श्रीलंका को सात विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। इससे पहले गेंदबाजों के सामूहिक प्रयास के चलते भारत ने श्रीलंका को 9 विकेट पर महज 128 रन पर रोक दिया।
अनुभवी स्नेह राणा के नेतृत्व में युवा स्पिनरों वैष्णवी शर्मा और श्री चारणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। तीनों स्पिनरों ने मिलकर कसी हुई गेंदबाजी का बेहतरीन नमूना पेश किया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली का तूफान
128 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को उप-कप्तान स्मृति मंधाना (14) के रूप में शुरुआती झटका लगा, लेकिन विश्व कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन के बाद आत्मविश्वास से लबरेज शेफाली वर्मा ने गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। शेफाली ने महज 34 गेंदों में नाबाद 69 रन की तेजतर्रार पारी खेली और भारत को 11.5 ओवर में ही जीत दिला दी।
लगातार दूसरे मैच में भारत ने 15 ओवर से पहले लक्ष्य हासिल कर लिया, जो टीम के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। शेफाली की पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल था।
स्पिन के खिलाफ बेहतरीन फुटवर्क
बाएं हाथ की स्पिनर इनोका रणवीरा की कुछ फ्लाइटेड गेंदों के साथ ही शेफाली ने आक्रामक रुख अपना लिया। वह हर बार आगे बढ़कर गेंद को एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से भेजती नजर आईं। स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उनका फुटवर्क बेहद शानदार रहा—चाहे आगे बढ़कर ऊंचा शॉट खेलना हो या पीछे हटकर पंच और पुल लगाना।
शेफाली का साथ देने उतरीं नवनियुक्त दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स (15 गेंदों में 26 रन) ने भी आक्रामक अंदाज अपनाया। दोनों ने सिर्फ 4.3 ओवर में 58 रन की साझेदारी कर मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।
रोड्रिग्स के आउट होने तक मुकाबला लगभग समाप्त हो चुका था। शेफाली ने सिर्फ 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और फिर औपचारिकताएं तेजी से निपटा दीं।
पहले गेंदबाजी में स्पिनरों का दबदबा
इससे पहले, बुखार के कारण दीप्ति शर्मा के बाहर होने के बाद टीम में शामिल की गई ऑफ स्पिनर स्नेह राणा ने अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 11 रन देकर एक विकेट लिया, जिसमें एक मेडन ओवर भी शामिल था—जो टी20 क्रिकेट में बेहद कम देखने को मिलता है।
वनडे विश्व कप में प्रभावित करने वाली श्री चारणी ने अपने कोटे के ओवरों में 23 रन देकर दो विकेट झटके। वहीं, पहले मैच में प्रभावशाली पदार्पण करने वाली वैष्णवी शर्मा ने दूसरी स्पेल में भी रन पर अंकुश लगाए रखा और 32 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
आखिरी छह श्रीलंकाई विकेट महज 24 रन के भीतर गिर गए। भारतीय गेंदबाजी के साथ-साथ इस मैच में टीम की शानदार ग्राउंड फील्डिंग भी चर्चा का विषय रही। पिछले मैच में साधारण प्रदर्शन के बाद इस बार फील्डिंग में आई तेजी का नतीजा तीन रनआउट के रूप में देखने को मिला।
चमारी अथापथ्थु को राणा ने बांधे रखा
श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापथ्थु (24 गेंदों में 31 रन) अच्छी लय में दिखीं और उन्होंने तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ और अरुंधति रेड्डी की लेंथ गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाया। हालांकि, स्नेह राणा ने लगातार सही लेंथ पर गेंदबाजी कर उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
रन बनाने में दिक्कत आने और बड़े शॉट सूख जाने के बाद अथापथ्थु ने एक और आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन पूरी तरह वजन ट्रांसफर न कर पाने के कारण उनका शॉट लॉन्ग-ऑफ पर अमनजोत कौर के हाथों कैच हो गया।
इससे पहले, ओपनर विश्मी गुणरत्ने (1) ने क्रांति गौड़ को आसान रिटर्न कैच थमा दिया था। हसिनी परेरा (28 गेंदों में 22 रन) और हर्षिता समरविक्रमा (32 गेंदों में 33 रन) ने 44 रन की साझेदारी जरूर की, लेकिन भारतीय स्पिन तिकड़ी के सामने वे रन गति नहीं बढ़ा सकीं।
चारणी की फुलटॉस पर हसिनी के आउट होते ही श्रीलंकाई पारी बिखर गई और अंत में टीम लगातार विकेट गंवाती चली गई।
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