माओवादी कमांडर गणेश सहित 3 अन्य ढेर, मुठभेड़ में चार नक्सलियों का सफाया
माओवादी कमांडर और केंद्रीय समिति (सेंट्रल कमेटी) के सदस्य गणेश उइके (69) सहित चार नक्सली गुरुवार तड़के कंधमाल जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में मारे गए। गणेश पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित..
भुवनेश्वर/बरहामपुर। माओवादी कमांडर और केंद्रीय समिति (सेंट्रल कमेटी) के सदस्य गणेश उइके (69) सहित चार नक्सली गुरुवार तड़के कंधमाल जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में मारे गए। गणेश पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इसके साथ ही पिछले 24 घंटों में जिले में मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।
बुधवार को दो नक्सली कैडर जिनमें एक एरिया कमेटी सदस्य भी शामिल था, मुठभेड़ में ढेर किए गए थे। इसके बाद गणेश मारा गया, जो ओडिशा में निष्क्रिय किया गया पहला माओवादी कमांडर और केंद्रीय समिति सदस्य है।
गणेश—जिसे उसके उपनाम रूपा, राजेश तिवारी, चामू और पक्का हनुमंतु के नाम से भी जाना जाता था, प्रतिबंधित संगठन का ओडिशा प्रभारी था। उसने इस वर्ष सितंबर में छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में 11 सितंबर को तत्कालीन राज्य प्रभारी मोदम बालकृष्ण (63) के मारे जाने के बाद अक्टूबर में ओडिशा में संगठन की कमान संभाली थी।
ये छह मौतें 22 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के 22 माओवादियों के ओडिशा के मलकानगिरी जिले में आत्मसमर्पण के बाद हुई हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस को गणेश की गतिविधियों की जानकारी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिले विश्वसनीय इनपुट के जरिए मिली।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान गणेश ने आत्मसमर्पण के कोई संकेत नहीं दिए। अपने अंतिम महीनों में वह लगातार अडिग बना रहा। उसने हाल ही में अपने केंद्रीय समिति के सहयोगी चंद्रन्ना के तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण की आलोचना की थी और कहा था कि झटकों के बावजूद नक्सल आंदोलन को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे।
गणेश पर छत्तीसगढ़ में 40 लाख रुपये, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 25-25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
एडीजी (नक्सल विरोधी अभियान) संजीब पांडा के अनुसार, कंधमाल की यह मुठभेड़ ओडिशा स्पेशल इंटेलिजेंस विंग (एसआईडब्ल्यू) से मिले विश्वसनीय खुफिया इनपुट के आधार पर, गंजाम जिले के रम्भा रेंज के पास चकापाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक जंगल में चलाई गई।
कंधमाल के एसपी हरीश बीसी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने वर्दी में चार माओवादियों—दो पुरुष और दो महिला—के शव बरामद किए हैं। इनके पास से दो इंसास राइफल और एक .303 राइफल भी मिली है। गणेश के अलावा मारे गए अन्य तीन नक्सलियों की पहचान राजनी, सीमा और उमेश के रूप में हुई है। ये सभी सीपीआई (माओवादी) के सदस्य थे और प्रत्येक पर 1.65 लाख रुपये का इनाम था।
गणेश पिछले एक साल से ओडिशा में सीपीआई (माओवादी) की गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। संगठन की जड़ें मजबूत करने के लिए वह करीब 10 दिन पहले कंधमाल आया था।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “इस साल फरवरी में उसने कंधमाल जिले के कोटागढ़ थाना क्षेत्र में एक बैठक बुलाई थी, जिसमें उसने नियामगिरि लोकल ऑर्गनाइजेशन स्क्वॉड (एलओएस) का पुनर्गठन कर उसे घुमुसर एरिया कमेटी में बदल दिया। उसका उद्देश्य उन इलाकों में माओवादी गतिविधियों को फिर से सक्रिय करना था, जो कभी पूर्व ओडिशा माओवादी नेता सब्यसाची पांडा के प्रभाव क्षेत्र में थे, जिन्हें जुलाई 2014 में गिरफ्तार किया गया था।”
तेलंगाना निवासी गणेश को 2020 में केंद्रीय समिति सदस्य के पद पर पदोन्नत किया गया था। उसने छत्तीसगढ़ के विभिन्न इलाकों में काम किया और बाद में ओडिशा में कालाहांडी–रायगढ़ा–कंधमाल–बौध–नयागढ़ क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया। उसने दुर्गम पहाड़ी इलाकों और घने जंगलों का फायदा उठाकर कैडरों को फिर से संगठित किया और संगठन का प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की।
मुठभेड़ पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ओडिशा नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने की कगार पर है। शाह के कार्यालय की ओर से जारी पोस्ट में कहा गया, “नक्सल-मुक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि। ओडिशा के कंधमाल में एक बड़े ऑपरेशन में केंद्रीय समिति सदस्य गणेश उइके सहित अब तक छह नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया है। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।”
ओडिशा के डीजीपी वाईबी खुरानिया ने इस अभियान को सुरक्षा बलों के लिए “बड़ी उपलब्धि” और उग्रवाद के लिए “करारा झटका” बताया। उन्होंने कहा कि गणेश की मौत से राज्य में माओवादी संगठन नेतृत्वविहीन हो गया है।
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