ट्रंप युद्ध खत्म करने को तैयार, भले ही हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद रहे: रिपोर्ट

Donald Trump ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वे Iran के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को खत्म करने के लिए तैयार हैं, भले ही Strait of Hormuz पूरी तरह से बंद ही क्यों न रहे। यह जानकारी एक रिपोर्ट में सामने आई है, ऐसे समय में जब अमेरिका-ईरान युद्ध को चार..

ट्रंप युद्ध खत्म करने को तैयार, भले ही हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद रहे: रिपोर्ट
31-03-2026 - 12:12 PM

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वे Iran के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को खत्म करने के लिए तैयार हैं, भले ही Strait of Hormuz पूरी तरह से बंद ही क्यों न रहे। यह जानकारी एक रिपोर्ट में सामने आई है, ऐसे समय में जब अमेरिका-ईरान युद्ध को चार हफ्ते पूरे हो चुके हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन का मानना है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को जबरन खोलने की सैन्य कार्रवाई से युद्ध लंबा खिंच सकता है, जो उनकी तय समयसीमा (4 से 6 सप्ताह) से आगे चला जाएगा। ऐसे में अमेरिका अब अपने मुख्य उद्देश्यों—ईरान की नौसेना को कमजोर करना और उसकी मिसाइल क्षमता को कम करना—पर ध्यान केंद्रित कर युद्ध को समाप्त करने की रणनीति बना रहा है। इसके बाद वॉशिंगटन कूटनीतिक दबाव के जरिए तेहरान से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने की कोशिश करेगा।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं तो अमेरिका यूरोप और खाड़ी क्षेत्र के अपने सहयोगी देशों को आगे कर इस जलमार्ग को खुलवाने की जिम्मेदारी सौंप सकता है। हालांकि सैन्य विकल्प पूरी तरह से खत्म नहीं हुए हैं, लेकिन फिलहाल वे प्राथमिकता में नहीं हैं।

पिछले एक महीने में ट्रंप ने हॉर्मुज़ को लेकर अलग-अलग रुख अपनाए हैं। कभी उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जलमार्ग नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला करेगा, तो कभी उन्होंने इसकी अहमियत को कम बताते हुए कहा कि इसका असर अन्य देशों पर ज्यादा पड़ेगा।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के लंबे समय तक बंद रहने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर साफ दिखने लगा है। तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है, जबकि कई देशों—खासकर अमेरिका के सहयोगियों—को ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उर्वरक और सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कमी भी महसूस की जा रही है।

इस बीच, ट्रंप ने सोमवार को चेतावनी दी कि यदि ईरान जलडमरूमध्य को नहीं खोलता, तो अमेरिका उसके तेल कुओं और ऊर्जा संयंत्रों को तबाह कर सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया जब ईरान ने अमेरिकी शांति प्रस्तावों को “अव्यावहारिक” बताते हुए खारिज कर दिया और Israel पर मिसाइल हमले किए।

संघर्ष अब पूरे क्षेत्र में फैल चुका है। यमन के हूती विद्रोहियों और लेबनान के हिजबुल्लाह जैसे ईरान समर्थित समूह भी इसमें शामिल हो गए हैं। Turkey ने भी दावा किया है कि ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल उसके हवाई क्षेत्र में घुसी, जिसे नाटो की मिसाइल रक्षा प्रणाली ने मार गिराया।

यह युद्ध 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले से शुरू हुआ था और अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। साथ ही, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।