लोकसभा में अमित शाह का बड़ा दावा: “भारत हुआ नक्सल-मुक्त”, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने सोमवार को Lok Sabha में बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत अब “नक्सल-मुक्त” हो चुका है। उन्होंने दशकों तक चले नक्सलवाद के लिए कांग्रेस और पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि मजबूत नीति व राजनीतिक इच्छाशक्ति के चलते यह संभव हो..

लोकसभा में अमित शाह का बड़ा दावा: “भारत हुआ नक्सल-मुक्त”, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
31-03-2026 - 12:14 PM

नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने सोमवार को Lok Sabha में बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत अब “नक्सल-मुक्त” हो चुका है। उन्होंने दशकों तक चले नक्सलवाद के लिए कांग्रेस और पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि मजबूत नीति व राजनीतिक इच्छाशक्ति के चलते यह संभव हो पाया है।

करीब 84 मिनट के अपने संबोधन में शाह ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 4,839 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, 706 मारे गए हैं और 2,218 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि 2024 की शुरुआत में माओवादियों की केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो में 21 सदस्य थे, लेकिन अब एक भी सक्रिय सदस्य नहीं बचा है। दंडकारण्य क्षेत्र में मौजूद 37 राज्य समिति सदस्य या तो मारे जा चुके हैं, गिरफ्तार हो चुके हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था और अब वे यह कह सकते हैं कि देश नक्सल-मुक्त हो चुका है। उन्होंने साफ कहा कि जो लोग गोलियां चलाएंगे, उन्हें गोलियों से ही जवाब दिया जाएगा। शाह के मुताबिक, माओवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 92% हथियार पुलिस थानों से लूटे गए थे।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने पुलिसिंग में सुधार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, और National Investigation Agency (NIA), ईडी और खुफिया एजेंसियों के साथ “ऑल-एजेंसी अप्रोच” अपनाई। इसके अलावा आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन निगरानी, सैटेलाइट इमेजिंग और AI डेटा विश्लेषण का इस्तेमाल किया गया।

शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi के समय माओवादियों को समर्थन मिला और “रेड कॉरिडोर” का विस्तार संभव हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि 2004 में Sonia Gandhi के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में ऐसे लोग शामिल थे, जो माओवादियों के प्रति सहानुभूति रखते थे। इसके अलावा उन्होंने Rahul Gandhi पर भी माओवादी नेताओं के साथ मंच साझा करने का आरोप लगाया।

गृह मंत्री ने 2011 में Supreme Court of India द्वारा सलवा जुडूम पर लगाए गए प्रतिबंध की भी आलोचना की और कहा कि ऐसी विचारधारा आधारित फैसलों से हजारों नागरिकों की जान गई। उन्होंने कहा कि विचारधारा जनता के हित से ऊपर नहीं हो सकती।

शाह ने कहा कि नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 से घटकर अब केवल 2 रह गई है, जबकि सबसे अधिक प्रभावित 35 जिलों की संख्या अब शून्य हो गई है। पहले जहां 350 थाने नक्सल मामलों को संभालते थे, अब यह संख्या घटकर 7 रह गई है। सरकार ने 406 CAPF कैंप स्थापित किए, 400 बुलेटप्रूफ वाहन दिए और हेलीकॉप्टरों के लिए नाइट लैंडिंग सुविधाएं विकसित कीं।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए हैं, जिनमें 17,500 किमी सड़कों की स्वीकृति, 12,000 किमी निर्माण, 5,000 मोबाइल टावर, 1,800 से अधिक बैंक शाखाएं, हजारों पोस्ट ऑफिस और शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं।

शाह ने तथाकथित “अर्बन नक्सल” और माओवादी समर्थकों पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि उन्होंने कभी सुरक्षा बलों के शहीदों या पीड़ित परिवारों के लिए आवाज नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि माओवादी विचारधारा लोकतंत्र की जड़ों पर हमला करती है और समस्याओं का समाधान हथियारों से नहीं, संवाद से होना चाहिए।

गृह मंत्री ने अंत में कहा कि सरकार उन लोगों से बातचीत के लिए तैयार है जो हथियार छोड़ देंगे, लेकिन जो हिंसा करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।