यूनिवर्सल जोक’ बना भारत की विदेश नीति? राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला
Rahul Gandhi ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेश नीति पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बातचीत में भारत को नजरअंदाज किया जा..
नयी दिल्ली। Rahul Gandhi ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेश नीति पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बातचीत में भारत को नजरअंदाज किया जा रहा है और मौजूदा विदेश नीति को “यूनिवर्सल जोक” (सार्वभौमिक मजाक) करार दिया।
“व्यक्तिगत विदेश नीति बन गई है”
राहुल गांधी ने पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता कराने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमारी विदेश नीति प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत विदेश नीति बन गई है। इसका नतीजा आप देख सकते हैं..,यह एक यूनिवर्सल जोक है, हर कोई इसे मजाक समझ रहा है।”
ट्रंप का जिक्र कर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री की वैश्विक स्थिति पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा:
“डोनाल्ड ट्रंप अच्छी तरह जानते हैं कि मोदी क्या कर सकते हैं और क्या नहीं। अगर प्रधानमंत्री ‘कंप्रोमाइज’ हैं, तो हमारी विदेश नीति भी कंप्रोमाइज है।”
लोकसभा भाषण पर भी निशाना
लोकसभा में प्रधानमंत्री के हालिया भाषण को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि वह “अप्रासंगिक” था।
उन्होंने टिप्पणी की, “वह भारत के प्रधानमंत्री हैं, यह दिखना चाहिए कि उनका स्पष्ट स्टैंड क्या है, लेकिन कोई स्पष्ट स्थिति नजर नहीं आती।”
आम जनता पर असर की चेतावनी
राहुल गांधी ने वैश्विक तनाव का असर आम लोगों पर पड़ने की आशंका जताई। उन्होंने कहा:
- LPG, पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में समस्या आ सकती है
- आर्थिक दबाव बढ़ सकता है
- स्थिति COVID जैसे संकट की ओर बढ़ सकती है
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को पिछले COVID संकट से सबक लेना चाहिए था।
पहले भी लगा चुके हैं आरोप
इससे पहले वडोदरा में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पीएम मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान अमेरिका का नाम लेने से परहेज किया।
उन्होंने यह भी दावा किया:
“नरेंद्र मोदी 100% ट्रंप के नियंत्रण में हैं।”
पीएम मोदी का पक्ष
वहीं, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोमवार को लोकसभा में अपने संबोधन में पश्चिम एशिया के हालात को “चिंताजनक” बताया।
उन्होंने कहा:
- इस संघर्ष का भारत पर आर्थिक, सुरक्षा और मानवीय प्रभाव पड़ सकता है
- भारत की तेल और गैस के लिए इस क्षेत्र पर निर्भरता महत्वपूर्ण है
- भारत लगातार तनाव कम करने (de-escalation) की अपील कर रहा है
साथ ही उन्होंने नागरिकों, व्यापारिक जहाजों पर हमलों और Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्गों में रुकावट की भी निंदा की।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस ने पाकिस्तान में संभावित अमेरिका-ईरान वार्ता की खबरों को लेकर सावधानी बरतने को कहा है।
अमेरिकी प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा, “ये संवेदनशील कूटनीतिक चर्चाएं हैं। जब तक आधिकारिक घोषणा न हो, किसी भी बैठक को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।”
वहीं, अमेरिकी अधिकारी Doug Burgum ने भरोसा जताया कि Donald Trump इस स्थिति को सुलझाने में सफल होंगे।
निष्कर्ष
राहुल गांधी के बयानों ने एक बार फिर भारत की विदेश नीति और पश्चिम एशिया संकट को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। एक ओर सरकार कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे भारत की वैश्विक भूमिका में कमजोरी के रूप में पेश कर रहा है।
What's Your Reaction?