मिथिला की पहचान ‘पाग’ पर विवाद ..बीजेपी प्रत्याशी मैथिली ठाकुर और विधायक केतकी सिंह पर ‘अपमान’ के आरोप, समझिए ‘मिथिला पाग’ का सांस्कृतिक महत्व
बिहार के चुनावी मौसम में इन दिनों चर्चा किसी राजनीतिक बयान या रैली की नहीं, बल्कि ‘मिथिला पाग’ की हो रही है जो मिथिलांचल की अस्मिता, संस्कृति और सम्मान का प्रतीक..
दरभंगा/पटना। बिहार के चुनावी मौसम में इन दिनों चर्चा किसी राजनीतिक बयान या रैली की नहीं, बल्कि ‘मिथिला पाग’ की हो रही है जो मिथिलांचल की अस्मिता, संस्कृति और सम्मान का प्रतीक मानी जाती है।
बीजेपी की उम्मीदवार मैथिली ठाकुर और यूपी की विधायक केतकी सिंह पर इस पारंपरिक सिरपोश का ‘अपमान’ करने के आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद यह मुद्दा चुनावी बहस से आगे बढ़कर सांस्कृतिक गरिमा और क्षेत्रीय पहचान का विषय बन गया है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
पहला वीडियो गायिका और बीजेपी उम्मीदवार मैथिली ठाकुर का है। इसमें वे कार में बैठी हुई दिखाई देती हैं, और उनके हाथ में मखाने (जो मिथिला का GI टैग प्राप्त उत्पाद है) हैं।
वीडियो में वे कुछ मखाने खाती हुई और ‘पाग’ में मखाने रखती हुई दिखाई देती हैं।
कई लोगों ने इसे ‘पाग’ के प्रति असम्मान बताया — क्योंकि मिथिला में पाग को सम्मान, संस्कार और गरिमा का प्रतीक माना जाता है।
सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने लिखा,“मिथिला की बेटी होकर भी अगर मैथिली ठाकुर पाग का अर्थ नहीं समझतीं, तो यह निराशाजनक है।” “मिथिला का गौरव अब कटोरे में बदल दिया गया।”
मैथिली ठाकुर की सफाई
विवाद बढ़ने पर मैथिली ठाकुर ने माफी मांगते हुए कहा, “मेरा उद्देश्य पाग का अपमान करना नहीं था। परिस्थितियाँ ऐसी थीं कि वह अपने आप हो गया। अगर किसी को ठेस पहुँची हो, तो मैं दिल से माफी मांगती हूँ।”
मिथिलामे पाग सिर पर पहनब योग्य वस्त्र मात्र नहि अछि, ई सम्मान, संस्कार आ अस्मिताक प्रतीक अछि। जकरा पाग पहनायल जाए, ओकरा प्रति समाज अपन आदर आ स्वीकृति दै छै। मिथिला संस्कृति मे पाग के स्थान ओहने अछि, जइसे राजक मुकुट। एहन स्थिति मे जँ कोनो व्यक्ति अहंकार मे आबि किनको पाग सँ बेसी… pic.twitter.com/tOX8U8YN4z — Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) October 23, 2025
उन्होंने बताया कि वे प्रचार से लौट रही थीं, तभी कुछ स्थानीय महिलाएँ मखाने खाने को दीं। जब मखाने गिरने लगे, तो उनके ड्राइवर ने पाग (जो उन्हें सम्मानस्वरूप भेंट की गई थी) में रखने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “वो मखाने उस महिला ने पाग में डाले और कुछ खुद खिलाए भी। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था कि मैं मिथिला के सम्मान का अपमान करूं।”
विधायक केतकी सिंह का बयान और नया विवाद
इसी बीच, उत्तर प्रदेश की बीजेपी विधायक केतकी सिंह, जो दरभंगा के अलीनगर में मैथिली ठाकुर के समर्थन में पहुँची थीं, उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ।
वीडियो में वे पाग को हाथ में लेकर कुछ कहती दिखती हैं, “यह पाग मिथिला का सम्मान नहीं है... मिथिला का सम्मान तो यह हैं,” कहते हुए वे मैथिली ठाकुर की ओर इशारा करती हैं।
इस टिप्पणी ने विवाद को और बढ़ा दिया।
राजद (RJD) ने सोशल मीडिया पर मैथिली भाषा में पोस्ट कर कहा, “मिथिला में पाग सिर पर पहनने योग्य वस्त्र मात्र नहीं, बल्कि सम्मान, संस्कार और अस्मिता का प्रतीक है। जिसे यह पहनाई जाती है, उसे समाज अपना आदर और स्वीकृति देता है। अगर कोई व्यक्ति अहंकारवश इसे तुच्छ समझकर फेंक दे, तो वह सिर्फ वस्त्र नहीं, पूरी मिथिला संस्कृति और परंपरा का अपमान करता है।”
केतकी सिंह की सफाई
विवाद बढ़ने पर विधायक केतकी सिंह ने कहा कि उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था, “पाग को न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान से देखा जाता है। जब मैं इसे पहनती हूँ, तो खुद को एक सशक्त भारतीय और सशक्त बिहारी महसूस करती हूँ। मैं कौन होती हूँ इसका अपमान करने वाली? यही पाग तो विद्यापति जी और प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी पहनी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने बयान से “मां सीता और मैथिली ठाकुर दोनों को एक साथ मिथिला के गौरव” के रूप में जोड़ने की कोशिश की थी।
मिथिला की ‘पाग’ का सांस्कृतिक महत्व
पहचान और परंपरा
‘पाग’ मिथिलांचल की गौरवमयी पहचान और सामाजिक गरिमा का प्रतीक है।
यह सिर्फ सिर पर पहनने वाला वस्त्र नहीं, बल्कि आदर, बुद्धि और परंपरा का मुकुट है।
NIFT मुंबई की शोधार्थी मधुप्रिया झा ठाकुर के अध्ययन “Paag: Traditional Headgear of Mithila Region of Bihar and its Relevance to Geographical Identity” में बताया गया है कि पाग सदियों से
Tags:
What's Your Reaction?