लोकसभा में अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला.. बोले, जब भी चर्चा होती है, वो विदेश में नजर आते हैं
अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। लोकसभा में स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान शाह ने राहुल गांधी की उपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी सदन में महत्वपूर्ण चर्चा होती है, वह अक्सर विदेश में..
नयी दिल्ली। अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। लोकसभा में स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान शाह ने राहुल गांधी की उपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब भी सदन में महत्वपूर्ण चर्चा होती है, वह अक्सर विदेश में होते हैं।
विदेश यात्राओं को लेकर निशाना
अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी कई बार संसद सत्र के दौरान विदेश यात्राओं पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2025 की सर्दियों में राहुल गांधी जर्मनी, वियतनाम, इंग्लैंड, सिंगापुर, और मलेशिया सहित कई देशों की यात्राओं पर रहे, जो कुल मिलाकर लगभग 60 दिन की विदेश यात्रा रही।
शाह ने तंज कसते हुए कहा, “जब भी बजट पर चर्चा होती है, वह विदेश में दिखाई देते हैं। फिर कहते हैं कि उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। विदेश से कैसे बोलेंगे? यहां कोई वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा नहीं है।”
लोकसभा में उपस्थिति का आंकड़ा भी बताया
अमित शाह ने कहा कि पिछली लोकसभाओं के आंकड़े बताते हैं कि राहुल गांधी की उपस्थिति लगातार राष्ट्रीय औसत से कम रही है।
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लोकसभा |
राहुल गांधी की उपस्थिति |
राष्ट्रीय औसत |
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17वीं लोकसभा |
51% |
66% |
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16वीं लोकसभा |
52% |
80% |
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15वीं लोकसभा |
43% |
76% |
शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कई महत्वपूर्ण संसदीय चर्चाओं में भी भाग नहीं लिया। उन्होंने कहा कि 16वीं लोकसभा में राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और केंद्रीय बजट पर कई चर्चाओं में हिस्सा नहीं लिया।
स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर भी हमला
अमित शाह ने विपक्ष द्वारा लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लगभग चार दशक बाद स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, जो संसदीय परंपराओं को नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने कहा कि जब ओम बिरला स्पीकर बने थे, तब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के नेताओं ने उन्हें कुर्सी तक साथ लेकर गए थे, जो इस पद की निष्पक्षता और सम्मान को दर्शाता है।
विपक्ष पर परंपराएं तोड़ने का आरोप
अमित शाह ने विपक्ष के व्यवहार की भी आलोचना करते हुए कहा कि संसद “मेला” नहीं है, बल्कि यह नियमों से चलती है। उन्होंने कहा कि संसद के नियम और असंसदीय शब्दों की सूची कई दशकों में विकसित हुई है और सभी सांसदों को उनका पालन करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्यों का व्यवहार, जैसे प्रधानमंत्री के पास जाकर गले लगना या उड़ते हुए किस (फ्लाइंग किस) देना, पहले कभी नहीं देखा गया।
स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव खारिज
बाद में लोकसभा में विपक्ष द्वारा स्पीकर को हटाने के लिए लाया गया प्रस्ताव वॉइस वोट से खारिज हो गया, जिससे यह अविश्वास प्रस्ताव विफल हो गया।
अमित शाह ने कहा कि स्पीकर के पद पर सवाल उठाना भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है और ऐसे कदमों से देश की लोकतांत्रिक छवि पर असर पड़ सकता है।
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