युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर ईरान का नियंत्रण, किन देशों को मिली आवाजाही की अनुमति?

ईरान और United States के बीच जारी युद्ध के बीच Strait of Hormuz पर ईरान का कड़ा नियंत्रण देखने को मिल रहा है। यह अहम समुद्री मार्ग दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा आपूर्ति का रास्ता है, और इस पर प्रतिबंधों के कारण कई देशों की तेल सप्लाई प्रभावित..

युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर ईरान का नियंत्रण, किन देशों को मिली आवाजाही की अनुमति?
29-03-2026 - 10:08 AM

ईरान और United States के बीच जारी युद्ध के बीच Strait of Hormuz पर ईरान का कड़ा नियंत्रण देखने को मिल रहा है। यह अहम समुद्री मार्ग दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा आपूर्ति का रास्ता है, और इस पर प्रतिबंधों के कारण कई देशों की तेल सप्लाई प्रभावित हुई है।

तेल आपूर्ति पर बड़ा असर

इस संकट के चलते कई तेल-निर्भर देशों को कड़े कदम उठाने पड़े हैं  जैसे चार दिन का वर्क वीक लागू करना और एयर कंडीशनिंग के इस्तेमाल में कटौती करना।

शिपिंग ट्रैफिक में भारी गिरावट

युद्ध के दूसरे महीने में प्रवेश के साथ इस जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बेहद कम हो गई है।

  • पहले जहां रोजाना 100 से अधिक जहाज गुजरते थे
  • अब यह संख्या घटकर सिर्फ 3–4 जहाज प्रतिदिन रह गई है

हालांकि, सीमित स्तर पर अब कुछ शिपिंग गतिविधियां फिर शुरू हुई हैं।

भारत समेत ‘मित्र देशों’ को मिली अनुमति

भारत के लिए राहत की बात यह है कि Iran ने उसे “मित्र देशों” की सूची में शामिल किया है, जिन्हें इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है।

हाल ही में भारत के झंडे वाले दो LPG जहाज BW Tyr और BW Elm ने इस जलमार्ग से गुजरना शुरू किया।

पिछले एक महीने में कम से कम 5 जहाज इस रास्ते से भारत पहुंचे हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • Pine Gas
  • Jag Vasant
  • Shivalik
  • Nanda Devi (LPG कैरियर)
  • Jag Laadki (क्रूड ऑयल)

भारत के अलावा China, Russia, Iraq और Pakistan को भी इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है।

साथ ही Thailand और Malaysia को भी ईरान ने आश्वासन दिया है कि उनके जहाजों को रास्ता मिलेगा।

किन देशों पर प्रतिबंध?

ईरान ने साफ कर दिया है कि United States, Israel और उनके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि केवल वे ही जहाज सुरक्षित मार्ग पा सकते हैं जो ईरान के खिलाफ किसी आक्रामक गतिविधि में शामिल नहीं हैं और सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं।

टोल टैक्स लगाने की तैयारी

ईरान की संसद इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाने पर विचार कर रही है।
एक प्रस्तावित कानून के तहत:

  • जहाजों से सुरक्षा के बदले शुल्क लिया जाएगा
  • इसे अंतरराष्ट्रीय कॉरिडोर की तरह माना जाएगा

हालांकि, Marco Rubio ने इस कदम को “गैरकानूनी, अस्वीकार्य और खतरनाक” बताया है।

हजारों जहाज फंसे

International Maritime Organization के महासचिव Arsenio Dominguez के अनुसार, वर्तमान में लगभग 2000 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के दोनों ओर फंसे हुए हैं और पार होने का इंतजार कर रहे हैं।

निष्कर्ष

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर ईरान का नियंत्रण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। “मित्र देशों” को सीमित राहत जरूर मिली है, लेकिन प्रतिबंधों और संभावित टोल सिस्टम ने इस रणनीतिक जलमार्ग को वैश्विक तनाव का केंद्र बना दिया है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।