डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: ‘ईरान बेहद कमजोर और बेबस’, नाकेबंदी के बाद तेल बिक्री पर रोक की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर तीखा बयान देते हुए कहा है कि वह “बेहद खराब स्थिति” में है और “बेबस” हो चुका है। इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने के एक दिन बाद ट्रंप ने यह चेतावनी दी कि ईरान न तो तेल बेच पाएगा और न ही परमाणु हथियार हासिल..
वॉशिंगटन/इस्लामाबाद। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर तीखा बयान देते हुए कहा है कि वह “बेहद खराब स्थिति” में है और “बेबस” हो चुका है। इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने के एक दिन बाद ट्रंप ने यह चेतावनी दी कि ईरान न तो तेल बेच पाएगा और न ही परमाणु हथियार हासिल कर सकेगा।
ट्रंप ने कहा, “ईरान की हालत बहुत खराब है। उनकी सेना, नौसेना और वायुसेना तबाह हो चुकी है। ईरान पूरी तरह बेबस है। हमने पाकिस्तान में 21 घंटे से ज्यादा बातचीत की, लेकिन अब वे परमाणु हथियार नहीं बना पाएंगे। हमने नाकेबंदी शुरू कर दी है और ईरान तेल नहीं बेच पाएगा।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका के पास रूस और सऊदी अरब से भी अधिक तेल भंडार है।
हॉर्मुज में नाकेबंदी लागू
अमेरिकी सेना हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी जहाजों की नाकेबंदी लागू करने जा रही है।
हालांकि, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अन्य देशों के बंदरगाहों के लिए आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही को बाधित नहीं किया जाएगा।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
ट्रंप के इस कदम पर शहराम ईरानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिकी नाकेबंदी को “बेतुका” और “हास्यास्पद” बताया।
शहराम ईरानी ने कहा, “ईरान की नौसेना के बहादुर जवान इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। समुद्र में नाकेबंदी की ट्रंप की धमकी बेहद हास्यास्पद है।”
बढ़ता वैश्विक तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नाकेबंदी से वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ा, तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है।
What's Your Reaction?