CJI बी.आर. गवई पर टिप्पणी को लेकर यूट्यूबर अजीत भारती विवादों में, पुलिस कर रही पूछताछ
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई (CJI B.R. Gavai) पर जूता फेंकने की घटना के बाद, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अजीत भारती (Ajeet Bharti) पुलिस की जांच के घेरे में आ गए..
नयी दिल्ली। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई (CJI B.R. Gavai) पर जूता फेंकने की घटना के बाद, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अजीत भारती (Ajeet Bharti) पुलिस की जांच के घेरे में आ गए हैं।
सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने यूट्यूब वीडियो में सीजेआई के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही और लोगों को उकसाने की कोशिश की।
कौन हैं अजीत भारती?
अजीत भारती बिहार के बेगूसराय के रहने वाले हैं और खुद को पत्रकार, लेखक और मीडिया पर्सनालिटी बताते हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर —
- एक्स (X) पर लगभग 5 लाख फॉलोअर्स,
- यूट्यूब पर 7 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं।
वे पहले भी कई बार विवादों में रहे हैं, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयानों के चलते।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
हाल ही में उनके एक पॉडकास्ट वीडियो के क्लिप वायरल हुए, जिनमें अजीत भारती और उनके दो मेहमानों ने कथित रूप से CJI बीआर गवई के खिलाफ अपशब्द कहे और “हिंदू अस्मिता” के नाम पर उकसाने वाली बातें कीं।
वीडियो में भारती ने कहा था, “गवई एक निकम्मे और अयोग्य जज हैं, इनके खिलाफ अवमानना का केस चलना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि “मैंने हाल में सीजेआई के जूतों की एक तस्वीर देखी थी और ‘जूते और जज’ पर वीडियो बनाने का मन किया था... लगता है जूते अब उनसे चिपक ही गए हैं।”
इन टिप्पणियों के कुछ घंटे बाद ही सोमवार को वकील राकेश किशोर ने सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई गवई की बेंच के सामने जूता फेंकने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई कर उन्हें रोक लिया।
क्या अजीत भारती गिरफ्तार हुए हैं? उत्तर है नहीं..
नोएडा एडीसीपी सुमित शुक्ला ने बताया कि अजीत भारती की गिरफ्तारी की खबरें गलत हैं।
हालाँकि, उन्हें पुलिस ने बयान के लिए बुलाया था और पूछताछ की गई।
अजीत भारती ने भी एक्स (X) पर पोस्ट कर कहा, “मैं पूरी तरह सुरक्षित हूँ। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह पत्रकारिता के पेशे का हिस्सा है। वामपंथियों की पोल खोलने का सिलसिला जारी रहेगा।”
पृष्ठभूमिः सुप्रीम कोर्ट की जूता फेंकने की घटना
6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में वकील राकेश किशोर (71) ने सीजेआई गवई की बेंच के सामने जूता फेंकने की कोशिश की।
उन्हें तुरंत हिरासत में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने उनकी वकालत की लाइसेंस रद्द कर दी है।
सारांश
- अजीत भारती पर सीजेआई के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों और लोगों को भड़काने के आरोप हैं।
- पुलिस ने पूछताछ की, पर गिरफ्तारी नहीं हुई।
- यूट्यूबर का कहना है कि वह राजनीतिक एजेंडा चलाने वालों के निशाने पर हैं।
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