'हमारे पास Iron Dome जैसी सुविधा नहीं': शीर्ष सैन्य अधिकारी ने भारत की सुरक्षा जरूरतों पर दी अहम टिप्पणी

भारतीय सेना के उपसेनाध्यक्ष (सामर्थ्य विकास एवं अनुरक्षण) लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत के पास इज़रायल के Iron Dome जैसे वायु रक्षा तंत्र की सुविधा नहीं है। उन्होंने यह बयान FICCI New Age Military Technologies कार्यक्रम में..

'हमारे पास Iron Dome जैसी सुविधा नहीं': शीर्ष सैन्य अधिकारी ने भारत की सुरक्षा जरूरतों पर दी अहम टिप्पणी
05-07-2025 - 01:45 PM

नयी दिल्ली। भारतीय सेना के उपसेनाध्यक्ष (सामर्थ्य विकास एवं अनुरक्षण) लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत के पास इज़रायल के Iron Dome जैसे वायु रक्षा तंत्र की सुविधा नहीं है। उन्होंने यह बयान FICCI New Age Military Technologies कार्यक्रम में दिया।

यह टिप्पणी ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान द्वारा 300-400 ड्रोन हमलों के संदर्भ में आई, जिसमें जम्मू-कश्मीर के बारामुला से लेकर गुजरात के भुज तक भारत के कुल 36 स्थानों को निशाना बनाया गया।

इन हमलों में आवंतिपोरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना और भुज स्थित सैन्य ठिकाने और एयरफील्ड प्रमुख लक्ष्यों में शामिल थे।
हालांकि भारत की वायु रक्षा प्रणाली — S-400 सहितने इन हमलों में से अधिकांश को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।

Lt Gen राहुल सिंह ने क्या कहा?

हमारे पास वैसी सुविधाएं नहीं हैं जैसी इज़रायल के पास हैं — जैसे Iron Dome और अन्य कई वायु रक्षा तंत्र। हमारा देश बहुत बड़ा है और ऐसी व्यवस्थाएं बहुत महंगी होती हैं। हमें अपनी भौगोलिक जरूरतों के अनुसार एक मजबूत रक्षा प्रणाली चाहिए।”

 क्या Iron Dome भारत के लिए उपयुक्त विकल्प है?

Iron Dome  जो इज़रायल और अमेरिका ने मिलकर विकसित किया है, एक स्थानीय और सीमित रेंज वाली वायु रक्षा प्रणाली है।
यह मुख्य रूप से छोटे रेंज (4–70 किमी) के रॉकेट, मोर्टार और आर्टिलरी शेल को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इंटरसेप्शन दर: 75% से 95% के बीच
 
लाभ:

  • त्वरित प्रतिक्रिया
  • सीमित क्षेत्र के लिए प्रभावी सुरक्षा
  • शहरी इलाकों और सैन्य ठिकानों के लिए उपयोगी

लेकिन भारत के लिए Iron Dome क्यों व्यावहारिक नहीं है?

  1. विशाल भूगोल
    भारत का क्षेत्रफल इज़रायल से करीब 150 गुना बड़ा है। इसलिए Iron Dome जैसी प्रणाली को पूरे देश में तैनात करना लॉजिस्टिक और आर्थिक रूप से असंभव होगा।
  2. विविध खतरे
    भारत को सिर्फ रॉकेट नहीं, बल्कि लॉन्ग-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज़ मिसाइल, लड़ाकू विमान और ड्रोन स्वॉर्म्स जैसे कई अलग-अलग तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है — जिन पर Iron Dome प्रभावी नहीं है।
  3. सीमा पर दोहरी चुनौती
    भारत को चीन और पाकिस्तान, दोनों सीमाओं पर सतर्क रहना पड़ता है, जबकि इज़रायल के खतरे अपेक्षाकृत सीमित और क्षेत्रीय हैं।
  4. ड्रोन स्वार्म्स का खतरा
    आधुनिक स्वार्म-टैक्टिक्स वाले ड्रोन समूह संख्या और गति के जरिए किसी भी वायु रक्षा प्रणाली को ओवरलोड कर सकते हैं। Iron Dome इस प्रकार की रणनीति से निपटने में सक्षम नहीं है।

 भारत को किस तरह की वायु रक्षा चाहिए?

भारत को चाहिए..

  • मल्टी-लेयरड एयर डिफेंस सिस्टम, जिसमें S-400, Akash, MR-SAM जैसे सिस्टम शामिल हों
  • लॉन्ग रेंज मिसाइल डिफेंस (LRMD)
  • ड्रोन और यूएवी के खिलाफ विशेष प्रणाली
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित त्वरित पहचान एवं जवाब प्रणाली

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।