फिर इस बार...! हर बार अपनी वीटो पावर से आखिर आतंकियों को क्यों बचाता है चीन
<p>आतंकी साजिद मीर पर चीन की सरपरस्ती... वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने वीटो लगाया।चीन ने 26/11 मुंबई हमले में वांछित लश्कर के आतंकवादी साजिद मीर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकवादी की सूची में डालने के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। चीन ने अपना आखिरी दाँव वीटो का इस्तेमाल कर आतंकवाद के खिलाफ भारत - अमरीकी कोशिशों को झटका दिया है।</p>
चीन ने एक बार फिर अपना पैंतरा चलते हुए लश्कर ए तैयबा के आतंकी साजिद मीर को बचा लिया। चीन ने संयुक्त राष्ट्र में साजिद मीर को ग्लोबल ट्रेरिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया | इस फैसले के साथ ही चीन ने दिखा दिया कि पाकिस्तान के साथ अपनी दोस्ती निभाते हुए सारे मानव भलाई को भी दरकिनार कर सकता है।
आखिर आतंकियों को क्यों बचाता है चीन
इससे पहले भी चीन ने किसी पाकिस्तानी आतंकी को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने में अड़ंगा लगा चुका है। चीन ने पिछले साल सितंबर में भी साजिद को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव पर रोक लगाई थी।पिछले साल चीन ने पाकिस्तानी आतंकी मौलाना मसूद अजहर के भाई अबुल रऊफ असगर उर्फ अब्दुल रऊफ अजहर को संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादियों की सूची में शामिल कराने के लिए लाए गए अमेरिका और भारत के प्रस्ताव का विरोध किया था। पिछले साल अक्टूबर में लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद के बेटे तालहा सईद को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के लिए लाया गया प्रस्ताव भी चीन ने रोक दिया था।
बता दें कि साजिद मीर 26/11 मुंबई आतंकी हमले में शामिल था |मीर को 2019 में ग्लोबल ट्रेररिस्ट घोषित किया था। अमेरिका ने आतंकी साजिद मीर पर 5 मिलियन डॉलर यानी करीब 41 करोड़ रूपए का इनाम रखा है। साजिद मीर भारत के भी मोस्ट वांटेड आतंकियों में से एक है। पिछले साल भी चीन ने यू एन में वीटो लगाकर साजिद मीर को बचाया था | मीर को मुंबई हमले का प्लानर कहा जाता रहा है | पिछले साल जून में आतंकी मीर को पाकिस्तान की एक एंटी ट्रेरीजम कोर्ट ने टेरर फाइनेंसिंग के मामले में 15 साल से भी अधिक की जेल की सजा सुनाई थी।
गौरतलब है कि 26/11 मुंबई हमले में 160 से भी अधिक लोगो की मौत हुई थी वही 300 से भी ज्यादा लोग घायल हुए थे।मुंबई आतंकी हमले में अमेरिका के भी कुछ लोगो की जान गई थी। मीर को भारत और अमेरिका पिछले कई सालों से तलाश रहा हैं।मगर लश्कर सरगना हाफिज मोहम्मद सईद का करीबी मीर, दोनो देशों की पहुंच से बाहर है।
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