चना खरीद मात्रा बढ़ाने में देरी के लिए केंद्र व राजस्थान सरकार दोनों दोषीः रामपाल जाट
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राजस्थान में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना खरीद की मात्रा 25 से बढ़ाकर 40 क्विंटल करने के आदेश पर किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में न केवल राजस्थान सरकार बल्कि केंद्र सरकार ने भी फैसला करने में देरी की। इससे राजस्थान के किसानों को आर्थिक हानि उठानी पड़ी है जिसके लिए राजस्थान सरकार व केंद्र सरकार दोनों ही दोषी हैं।
जाट ने बताया कि राजस्थान के किसानों की ओर से किसान महापंचायत ने 14 अप्रेल 2022 को केन्द्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखा था जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चने की खरीद को बढ़ाने का आग्रह किया गया था। इस पत्र के जवाब में केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से बताया गया कि इस तरह की कार्यवाही के लिए राजस्थान सरकार के पत्र पर ही संभव हो सकती है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय के जवाब के मद्देनजर किसान महापंचायत की ओर से सरकार को 18 अप्रेल 2022 को पत्र लिखा गया, जिस पर उसने अपनी ओर से केंद्र सरकार को पत्र भेजने में 16 दिनों का समय लगा दिया। इसके बाद जिस केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के मामले में ऐसा ही फैसला करने में 14 दिनों का समय लिया था, राजस्थान के मामले में चना खरीद की मात्रा बढ़ाने का फैसला करने में तीन गुना अधिक समय लगा दिया। इस तरह राजस्थान के किसानों को चना खरीद को लेकर आर्थिक हानि उठानी पड़ी। इस प्रकार किसानों को हुए घाटे की पूर्ति के लिए राजस्थान व केंद्र सरकार दोनों को सार्थक कदम उठाने चाहिए।
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