शिवमोगा में सावरकर का पोस्टर हटाकर टीपू का लगाने के प्रयास में विवाद, लगी धारा 144
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कर्नाटक पुलिस को राज्य के शिवमोगा शहर में सोमवार, 15 अगस्त 2022 को पोस्टर विवाद के बाद कर्फ्यू लगाना पड़ गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ लोगों के एक समूह ने वीर सावरकर के तस्वीर वाले फ्लेक्स को हटा दिया और उसके बाद हिंसा भड़की गई। इस हिंसा में दो युवाओं पर चाकू से हमला किया गया। जानकारी यह भी है कि वीर सावरकर की तस्वीर को हटाने का प्रयास करने वाले समूह ने उनके स्थान पर टीपू सुल्तान का फ्लेक्स लगाने का भी प्रयास किया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि चाकू मारने की घटना में घायल होने वाले युवक का नाम प्रेम सिंह (20) है और वह अपने घर के सामने खड़ा था तभी बदमाशों ने उसे निशाना बनाया। प्रेम सिंह को शिवमोगा के मेगन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक अन्य युवक की पहचान 27 साल प्रवीण के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि गांधी बाजार इलाके में उसकी एक दुकान थी और वह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहा था, तभी बदमाशों ने उसे चाकू मार दिया और गायब हो गए।
पुलिस के अनुसार, वीर सावरकर का फ्लेक्स आमिर अहमद सर्कल पर लगाया गया था और पूरे क्षेत्र को स्वतंत्रता दिवस के 75 वें वर्ष के जश्न के रूप में सजाया गया था। कुछ युवकों ने इसका विरोध किया और सावरकर का फ्लेक्स छीन कर उस स्थान पर टीपू सुल्तान के फ्लेक्स को लगाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर लेकिन बाद में कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं ने सर्किल के पास विरोध प्रदर्शन किया और आग्रह किया कि उन्हें वीर सावरकर के फ्लेक्स को स्थापित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। हिंदू कार्यकर्ताओं ने फ्लेक्स को फिर से लगाने की कोशिश की और पुलिस ने उन्हें रोका। इसी मामले को लेकर हिंदू कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के साथ तीखा विवाद हुआ और वहां आईपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा शिवमोगा शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई जो 18 अगस्त तक है। पुलिस ने वीर सावरकर का फ्लेक्स हटाने के मामले में 10 लोगों को भी हिरासत में लिया है और युवक को चाकू मारने वाले बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
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