महाराष्ट्र में दही हांडी अब खेल श्रेणी में शामिल, गोविंदा को मिलेगी स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी और 10 लाख बीमा भी

NULL

महाराष्ट्र में दही हांडी अब खेल श्रेणी में शामिल, गोविंदा को मिलेगी स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी और 10 लाख बीमा भी
19-08-2022 - 03:18 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे के गुट वाली शिवसेना की महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले में दही-हांडी को एक साहसिक खेल माना है और इसमें शामिल होने वाले गोविंदाओं की सुरक्षा के माकूल इंतजाम किये हैं। सरकार ने इस लिहाज से जारी एक आदेश के तहत दही हंडी उत्सव में भाग लेने वाले गोविंदाओं के लिए बीमा का लाभ देने की घोषणा की है। इसके अलावा इस खेल में भाग लेने वालों के लिए स्पोर्ट्स कोटे से सरकारी नौकरी की घोषणा भी की है।

दही-हांडी खेल में भाग लेने वाली गोविंदा टीम के किसी खिलाड़ी की दही हंडी के दौरान मानव पिरामिड से गिरकर मौत होने पर उसके वारिस को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिये जाने की घोषणा की गई है। इसी तरह यदि गिरने पर दोनों आंखें या दोनों हाथ, दोनों पैर या कोई दो महत्वपूर्ण अंग खिलाड़ी खो देता है तो गोविंदा को 7 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। दही हंडी के दौरान गिरने के कारण एक हाथ या एक पैर या कोई एक महत्वपूर्ण अंग नाकाम होने या गंभीर चोट लगने पर 5 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
महाराष्ट्र राज्य सरकार का स्पष्ट रूप से आदेश है कि गोविंदाओं के लिए बीमा का यह आदेश केवल वर्ष 2022 के लिए लागू ही होगा। इसके आगे दही हांडी उत्सव में शामिल होने वाले गोविंदाओं के बीमा को लेकर अलग से निर्णय लिया जाएगा। इस संबंध में सरकार बीमा प्रीमियम का भुगतान करने की योजना की जांच कर रही है। सरकार का कहना है, चूंकि शुक्रवार को ही दही हंडी उत्सव है और बीमा योजना के मामले में कार्रवाई करने के लिए समय कम है इसलिए इस वर्ष के लिए सरकार ने वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है।
दही हांडी जन्माष्टमी उत्सव पर खेले जाने खेल प्रमुख अंग है। इसमें दही, माखन (मक्खन), घी, मिठाई और मेवों से भरी एक हांडी या मिट्टी के बर्तन को से ऊंचाई पर लटका दिया जाता है। फिर, युवा लड़कों का एक समूह हांडी तक पहुंचने और उसे तोड़ने के लिए एक मानव पिरामिड बनाता है। दही हांडी की रस्म महाराष्ट्र और गुजरात में प्रमुखता से मनाई जाती है।
यह सब टीम वर्क, समन्वय, फोकस और ताकत को भी प्रदर्शित करता है। दही हांडी के लिए, इस उत्सव के लिए समर्पित टीमों को प्रशिक्षित किया जाता है। इसके लिए टीम मानव पिरामिड बनाती है और प्रत्येक पिरामिड में नौ परतें हो सकती हैं। निचले स्तरों में मजबूत लोग होते हैं जो अपने कंधों पर भार सहन कर सकते हैं और शीर्ष के पास एक ऊर्जावान बच्चा होता है जो हांडी को पकड़ और तोड़ सकता है। पिरामिड बनाने वाले लोगों को 'गोविंदा पाठक' या 'गोविंदा' कहा जाता है। कहते हैं इस अनुष्ठान के पीछे युवा मन में भाईचारा, शक्ति और समन्वय विकसित करना है, ताकि वे एक-दूसरे के साथ खड़े हों।
सरकार ने आर्थिक सहायता के बनाए नियम
शासनादेश के मुताबिक आर्थिक सहायता पाने के लिए कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं। जिनमें दही हंडी के लिए आवश्यक स्थानीय मंजूरी होना जरूरी है। दही हंडी का आयोजन करने वाली संस्था अथवा संगठन के साथ-साथ गोविंदा टीमों को न्यायालय, प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिए गए निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। गोविंदाओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखे जाने की जिम्मेदारी संस्थाओं की होगी। इसी प्रकार टीम के सदस्यों को मानव पिरामिड बनाने के अलावा औपचारिक या अनौपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त होना चाहिए। मानव पिरामिड बनाने के अलावा अन्य कारणों से दुर्घटना होने के मामले में आर्थिक सहायता की पात्रता नहीं होगी। गोविंदाओं के मामले में आयु सीमा का पालन करना अनिवार्य है और 18 वर्ष से कम आयु के गोविंदा के लिए आर्थिक सहायता की अनुमति नहीं होगी। आयोजकों को तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रणाली को दुर्घटना की सूचना देनी चाहिए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।