सूर्यकुमार यादव पर सवालों के घेरे, भारत के वर्ल्ड कप विजेता ने स्थिति को बताया ‘बेहद चिंताजनक’
फरवरी 2026 में होने वाले टी20 विश्व कप से पहले भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की फॉर्म को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। भारत के पूर्व चयनकर्ता और वर्ल्ड कप विजेता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने सूर्यकुमार के हालिया प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 35 वर्षीय सूर्यकुमार के आंकड़े बीते 12 महीनों में चिंताजनक रहे..
मुंबई। फरवरी 2026 में होने वाले टी20 विश्व कप से पहले भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की फॉर्म को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। भारत के पूर्व चयनकर्ता और वर्ल्ड कप विजेता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने सूर्यकुमार के हालिया प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 35 वर्षीय सूर्यकुमार के आंकड़े बीते 12 महीनों में चिंताजनक रहे हैं। इस दौरान उन्होंने 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में सिर्फ 17 से थोड़ी अधिक की औसत से रन बनाए हैं और केवल एक बार ही 50 रन का आंकड़ा पार कर पाए हैं। दुनिया के शीर्ष रैंकिंग बल्लेबाज से इस तरह की गिरावट ने आगामी वैश्विक टूर्नामेंट से पहले उनकी तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए श्रीकांत ने खास तौर पर इस बात की आलोचना की कि सूर्यकुमार ने टीम में अपनी बल्लेबाजी पोजिशन को लेकर लगातार बदलाव किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सूर्यकुमार बल्लेबाजी क्रम में “म्यूजिकल चेयर” खेल रहे हैं, जिससे वह किसी एक भूमिका में स्थिर लय नहीं पकड़ पा रहे हैं।
“सूर्यकुमार यादव की फॉर्म बेहद चिंताजनक है,” – कृष्णमाचारी श्रीकांत
पूर्व चयनकर्ता ने जोर देते हुए कहा कि जब टी20 विश्व कप भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है, तब टीम में स्थिरता सबसे अहम है। श्रीकांत ने सूर्यकुमार से अपील की कि वह तुरंत अपनी बल्लेबाजी पोजिशन तय करें। उनका कहना था कि किसी एक निश्चित नंबर पर लगातार खेलने से ही सूर्यकुमार अपनी पुरानी लय वापस पा सकते हैं और टीम के मिडिल ऑर्डर को मजबूती दे सकते हैं।
श्रीकांत ने कहा, “उन्हें ध्यान केंद्रित करना होगा और खुद को समय देना होगा। वह लगातार अपनी बल्लेबाजी पोजिशन नहीं बदल सकते। अगर नंबर 3 है, तो हर बार नंबर 3 ही होना चाहिए। टी20 विश्व कप सामने है और ऐसे में उनका फॉर्म में लौटना बेहद जरूरी है। सूर्य किसी भी समय टीम में होंगे और कप्तानी भी करेंगे, लेकिन उनकी फॉर्म वाकई बेहद चिंताजनक है। यह सिर्फ बाहर वालों या टीम के लिए नहीं, बल्कि खुद उनके लिए भी चिंता की बात होगी।”
श्रीकांत का मानना है कि सूर्यकुमार को फिलहाल अपनी बल्लेबाजी पर प्राथमिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि कप्तानी की जिम्मेदारी कहीं न कहीं उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन पर असर डाल रही है। उनके मुताबिक, सूर्यकुमार जैसे स्तर के खिलाड़ी के लिए सबसे जरूरी है कि वह बल्ले से अपनी लय वापस पाएं, ताकि वह मिडिल ऑर्डर में टीम के लिए भरोसेमंद साबित हो सकें।
पूर्व चयनकर्ता ने इस तरह की खराब फॉर्म के मानसिक दबाव की भी बात की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से रन न बना पाने का असर खिलाड़ी के मन पर पड़ता है और बड़े टूर्नामेंट से पहले यह दबाव और भी बढ़ सकता है।
उन्होंने आगे कहा, “वह खुद भी देख रहे होंगे कि काफी समय से उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं। आज जिस तरह से वह आउट हुए, उसमें वह थोड़े दुर्भाग्यशाली भी रहे। मुझे लगता है कि वह अपनी बल्लेबाजी की कीमत पर कप्तानी पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्हें बल्लेबाजी पर फोकस करना चाहिए। कप्तानी अपने आप आ जाएगी, क्योंकि वह एक अच्छे कप्तान हैं।”
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सूर्यकुमार का शांत प्रदर्शन
सूर्यकुमार यादव का हालिया अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ रहा। इस सीरीज़ में जहां वह व्यक्तिगत रूप से ज्यादा रन नहीं बना पाए, वहीं कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। उनकी अगुआई में भारत ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर 3-1 से सीरीज़ जीत दर्ज की, जिससे टीम का मनोबल जरूर बढ़ा, हालांकि कप्तान की बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर सवाल बरकरार रहे।
अब सूर्यकुमार जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में टीम का नेतृत्व करेंगे। यह सीरीज़ दोनों टीमों के लिए टी20 विश्व कप से ठीक पहले आखिरी बड़ा अभ्यास मानी जा रही है। 7 फरवरी से शुरू होने वाले विश्व कप से पहले रणनीतियों को अंतिम रूप देने और टीम संयोजन तय करने का यह अहम मौका होगा। सूर्यकुमार के लिए भी यह सीरीज़ आलोचकों को शांत करने और अपनी खोई हुई लय हासिल करने का सुनहरा अवसर होगी।
भारतीय टीम आगामी विश्व कप में डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरेगी। 2024 में बारबाडोस में खेले गए फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताब अपने नाम किया था। अब 2026 संस्करण में घरेलू सरजमीं पर खेलते हुए सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम पर दबाव होगा कि वे उस दबदबे को बरकरार रखें और ट्रॉफी को एक बार फिर अपने नाम करें।
What's Your Reaction?