अफगानिस्तान के तालिबान की अकड़ तो देखिये, शरिया से तय करेंगे विदेश नीति !
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एक साल में किसी एक देश भी से मान्यता नहीं मिली है लेकिन तालिबान अपने तौर तरीके बदलने को तैयार नहीं। तालिबान ने एलान किया है कि वह अंतराष्ट्रीय समुदाय के साथ शरिया के अनुसार व्यवहार करेगा। तालिबान के सर्वोच्च नेता हैबतुल्ला अखुंदजादा ने एलान किया है कि इस्लामिक अमीरात की विदेश नीति में शरिया का विशेष स्थान होगा। तालिबान के सूचना मंत्रालय ने हैबतुल्ला अखुंदजादा के ताजा भाषण को प्रकाशित करते हुए यह जानकारी दी है।
अफगानिस्तान पर तालिबान को कब्जा किए एक साल हो चुके हैं। हालांकि, इस दौरान दुनिया के किसी भी देश ने इस्लामिक अमीरात की कार्यवाहक सरकार को मान्यता नहीं दी है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और विदेशों से मिलने वाली फंडिंग में कटौती के कारण तालिबान के राज में अफगानिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। अमेरिका समेत कई देशों ने तालिबान पर महिलाओं पर प्रतिबंधों को कम करने और लड़कियों के लिए स्कूलों को खोलने का दबाव भी बढ़ाया है।
कंधार में हैबतुल्ला अखुंदजादा ने दिया भाषण
तालिबान की न्यूज एजेंसी बख्तार के अनुसार, कंधार में लगभग 3000 कबीलाई नेता, अधिकारी और धार्मिक विद्वानों के बीच हैबतुल्ला अखुंदजादा ने इस्लामिक अमीरात की विदेश नीति को लेकर महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह तालिबान के सत्ता में आने के बाद बुलाई गई दूसरी बैठक थी।
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