हमारे गोल्डन बॉय से पंगा...? नीरज चोपड़ा ने अपने टैलेंट का दम दिखा कर सिखाया चीनी अंपायरों को सबक
<p><em>भारत के 'गोल्डन ब्वॉय' नीरज चोपड़ा का चमत्कारिक प्रदर्शन एशियन गेम 2023 में जारी रहा और उन्होंने बुधवार शाम देश के 140 करोड़ जनता को एक बार फिर से अपना दीवाना बना लिया क्युकी हर किसी को गोल्डन बॉय नीरज के गोल्ड का इंतजार था और वो इंतजार चोपड़ा ने बड़े ही शानदार अंदाज से पूरा किया .लेकिन चीनी अंपायर ने अपनी खुन्नस निकलते हुए नीरज के थ्रो को फ़ाउल बोला लेकिन वे अपनी नापाक हरकत में कामयाब नहीं हो पाया। </em></p>
हुआ क्या था
दरअसल नीरज ने अपने खेल के दौरान जब पहला थ्रो फेंका तो चीनी अंपायरों ने उसे फाउल करार दे दिया। नीरज के मुताबिक उनका पहला थ्रो लगभग 90 मीटर का था लेकिन अंपायरों ने उसे काउंट नहीं किया जिस कारण नीरज की अंपायरों से काफी देर बहस भी चली .बहस बाद अंपायरों ने कहा कि दूरी नापने वाली मशीन में दिक्कत आ गई है, जिसकी वजह से उस थ्रो को उन्होंने फाउल दे दिया। और नीरज को फिर से थ्रो करने को कहा .
नीरज चोपड़ा ने सोना जीतकर चीन को सिखाया सबक
हालांकि काफी देर की बहस के बाद नीरज चोपड़ा ने फिर से प्रयास किया और 88.88 मीटर दूर भाला फेंक कर सोना जीता और इसी के साथ ही चीनी अंपायरों को सबक भी सिखा दिया। अपनी इस स्वर्णिम जीत के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अंपायरों से बहस वाली बात की सच्चाई बताई।
पहले थ्रो के बाद परेशान हो गए थे चोपड़ा
मैं अपना पहला थ्रो करने के बाद थोड़ा सा परेशान हो गया था इसलिए मैंने अंपायरों से बात की लेकिन वो सुनने को तैयार ही नहीं थे। मुझे लगा कि वो थ्रो लगभग 90 मीटर का था लेकिन वो उसे 85 मीटर काउंट कर रहे थे।'
मशीन ख़राब होने की बात कर दोबारा थ्रो कराया
'वो सब बहुत बकवास था और लंबी बहस के बाद उन्होंने कहा कि दूरी नापने वाली मशीन में प्रॉब्लम है और उसके बाद उन्होंने मुझे दोबारा से थ्रो करने को कहा, जिसके बाद मैंने अपना थ्रो किया और मैं खुश हूं कि मैं गोल्ड डिफेंड कर पाया।'
चीन की इस हरकत से हुई भद्द
आपको बता दें कि नीरज चोपड़ा के साथ हुई चीनी अंपायरों की इस हरकत पर सोशल मीडिया पर भी रिएक्शन आए हैं। लोगों ने जमकर चीनी अंपायरों की आलोचना की है और उन पर पक्षपात और इंडियन प्लेयर्स को परेशान करने का आरोप लगाया है। गोल्ड-सिल्वर दोनों भारत की झोली में फिलहाल भारतीय खिलाड़ियों ने चीनी अंपायरों की बेईमानी को अपने खेल से करारा जवाब दिया है
एशियाई गेम्स में पहली बार गोल्ड और सिल्वर साथ
पहली बार पहली और दूसरी पोजिशन पर भाला फेंक प्रतियोगिता में भारत ही है। जी हां जेवलिन थ्रो में जहां नीरज चोपड़ा ने सोना जीता वहीं भारतीय वीर किशोर जेना ने रजत पदक अपने नाम किया। किशोर जेना ने 87.54 मीटर दूर भाला फेंक कर रजत पदक जीता .
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