मुंबई इंडियंस से जुड़कर कहीं बड़ी चूक तो नहीं कर गये गुजरात टाइटंस के पूर्व कप्तान हार्दिक..
<p><em>विश्वकप 2023 में हालांकि एक मैच ही खेल सके हार्दिक पंड्या ने गुजरात टाइटंस छोड़कर वापस अपनी पुरानी टीम और रोहित शर्मा की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस का दामन थाम लिया है। हार्दिक बैटिंग ऑलराउडर के तौर पर पहचाने जाते हैं और वे अपने नेतृत्व में गुजरात टाइटंस को पहली ही बार में विजेता और दूसरी बार में उपविजेता बना चुके हैं। दूसरी ओर, युवा शुभमन गिल को कप्तान बनाकर गुजरात टाइटंस लीग में अगले कुछ साल के लिए आश्वस्त होना चाहती है। अब गिल को कप्तान के तौर पर खुद साबित करना होगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आईपीएल की दो प्रमुख फ्रैंचाइजी (मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस) टीमें इस फेरबदल में अपना भविष्य तलाश रही हैं।</em></p>
मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा हैं लेकिन हो सकता है कि इस फ्रैंचाइजी के मालिक शायद हार्दिक में उनका उत्तराधिकारी तलाश रहे हैं। यह भी सही है कि शुभमन गिल को भी भविष्य में टीम इंडिया की कप्तानी का दावा पेश करने के लिए बतौर टाइटंस कप्तान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
विशेषज्ञों की राय में यदि हार्दिक पंड्या मुंबई इंडियंस की ओर से रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलते हैं तो वे उनकी ब्रांड वैल्यू को तो क्षति पहुंचेगी ही साथ में वे करियर में भी काफी पिछड़ सकते हैं। इस बात की आशंका बहुत अधिक है कि रोहित-सूर्या-बुमराह जैसे बड़े चमकते सितारों के बीच में उन्हें अवसर कम मिले जितना बतौर कप्तान गुजरात में मिलता रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई को हार्दिक में भविष्य का पूर्णकालिक कप्तान भी दिखाई देता ऐसे में वे अपनी कप्तानी गंवाकर श्रेयस अय्यर, शुभमन गिल, ऋतुराज गायकवाड़ जैसे प्रतिद्वंद्वियों से भी पिछड़ जाएंगे।
क्या हो सकता है गुजरात छोड़ने का कारण
दो सफल सीजन के बावजूद गुजरात और हार्दिक का एक-दूसरे से आखिर मोह भंग क्यों हो गया,इस प्रश्न का उत्तर सभी जानना टाहते हैं। वह भी तब जबकि हार्दिक पंड्या-आशीष नेहरा के बीच कोच-कप्तान वाली बढ़िया बॉन्डिंग हो चुकी थी। फ्रैंचाइजी ने हार्दिक को फ्री हैंड दे रखा था। टीम मैनेजमेंट में कोई बाहरी हस्तक्षेप भी नहीं था। ये टीम का अच्छा माहौल ही था कि डेब्यू सीजन में ही चैंपियन और अगले साल फाइनलिस्ट रही। ऐसे में अपने सफल कप्तान को छोड़ देने जा फैसला किसी को हजम नहीं हो रहा है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट्स के अनुसार अगर इसके पीछे सिर्फ पैसा और ब्रांड एंडोर्समेंट ही इस परिवर्तन का कारण रहा है तो हार्दिक अपने करियर की सबसे बड़ी भूल कर रहे हैं।
इतिहास से सीखें हार्दिक
आईपीएल के इतिहास में अब तक सिर्फ दो ही कप्तानों का ट्रेड किया गया है। पहले रविचंद्रन अश्विन हैं, जो पंजाब किंग्स की कप्तानी छोड़कर दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े थे। दूसरे अजिंक्य रहाणे थे जो राजस्थान रॉयल्स के कप्तान थे और फिर बाद में साल 2020 में दिल्ली कैपिटल्स में ट्रेड हो गए। दोनों की क्या दुर्दशा हुई, यह जग जाहिर है।। दोनों इस फ्रैंचाइजी से बाहर कर दिए गए। अभी अश्विन राजस्थान रॉयल्स में हैं तो रहाणे का आईपीएल करियर चेन्नई सुपरकिंग्स के रहमो-करम से बचा रह गया है। 30 साल के हो चुके हार्दिक की फिटनेस जितनी खराब है और वह जितनी जल्दी इंजर्ड हो जाते हैं, लगता नहीं कि मुंबई इंडियंस उन्हें लंबे समय ढो पाएगी। ध्यान दिला दें कि मुंबई इंडियन वह फ्रेचाइजी है जो इन फॉर्म कायरन पोलार्ड को संन्यास लेकर कोच बना चुकी है और वह पंड्या के साथ भी कुछ ऐसा कर सकती है।
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