पार्लियामेंट कैंटीन की थाली सजी मिलेट्स के व्यंजनों से ; सांसदों को परोसे जाएंगे स्वास्थ्यवर्धक रागी के लड्डू,बाजरे की खिचड़ी
<p><em>संसद भवन की कैंटीन में मेनू कार्ड अब बदल गया है। सरकार द्वारा मोटे अनाज को रसोई घर में इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिशों में साथ देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 31 जनवरी से प्रारंभ हो रहे बजट सत्र से सांसदों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों के लिए कैंटीन में रागी, ज्वार, बाजरा, राजगीरा, कंगनी आदि से बने व्यंजन परोसने की व्यवस्था की है। अब सांसदों को ज्वार उपमा से लेकर बाजरे की खिचड़ी, रागी के लड्डू, बाजरे का चूरमा के अलावा बाजरे की राब और रागी मटर के शोरबे जैसे मोटे अनाज से बने ढेरों व्यंजनों को शामिल किया जाएगा। </em></p>
मन की बात में मिलेटस का ज़िक्र
संसद भवन की कैंटीन में देश के विभिन्न इलाकों में प्रचलित मोटे अनाज से बने व्यंजन को खाने की सूची में शामिल किया गया है। यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब रविवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन में मोटे अनाज के महत्व को रेखांकित किया था।
मोटे अनाज का वर्ष है 2023
संसद आने वाले आगंतुक अमरनाथ सलाद, मोटे अनाज से युक्त के शरी खीर, रागी के लड्डू आदि का भी लुत्फ उठा सकेंगे। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने भारत सरकार की सलाह पर वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाज का वर्ष घोषित किया है। भारत सरकार ने इस संबंध में प्रस्ताव पेश किया था।
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