देश भर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है दशहरा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने किया पथसंचलन
देश भर में आज, बुधवार, 5 अक्टूबर 2022 को दशहरा पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा है। शारदीय नवरात्रि समापन के दूसरे दिन यानी दशमी तिथि को मनाये जाने वाले इस हिन्दू पर्व पर ज्यादातर लोग नयी शुरुआत करने के लिए शुभ मानते हैं। जगह-जगह प्रतिष्ठानों की शुरुआत की जा रही है और पारंपरिक तौर पर शस्त्रों का पूजन किया गया। इसी क्रम में न्यूज ठिकाना न्यूज पोर्टल की भी औपचारिक शुरुआत की गई है।
दशहरे पर जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। रामलीलाओं का समापन दृश्य मंचित किया जाता है और विशेषतौर पर रावण के पुतलों का दहन किया जाता है। इस मौके पर जगह-जगह कवि सम्मेलनों का आयोजन भी किया जा रहा है। कहीं-कहीं पर मेले भी आयोजित किये गये हैं।
दशहरे पर देश के सबसे बड़े संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वर्ष 1925 में स्थापना हुई थी यानी संघ की पहली शाखा लगाई गयी थी। इस दिन को संघ के कार्यकर्ता पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। बुराइयों पर अच्छाई के जीत के प्रतीक इस पर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक शस्त्रों की पूजा-अर्चना करते हैं और बहुत ही अनुशासित ढंग से पथ संचलन निकालते हैं। पंक्तिबद्ध स्वयंसेवक जब पूर्ण गणवेश में पथ संचलन करते हैं और उसकी सुंदरता देखते ही बनती है। स्वयंसेवकों का कतार में अनुशासित ढंग से पथसंचलन करते हुए देखने को आमजन घरों के बाहर निकल आते हैं और फूल-पत्तियों से स्वयंसेवकों का अभिनंदन करते हैं।
जयपुर में भी आज सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वंयसेवकों ने पथ संचलन किया। संघ के कार्य के अनुसार जयपुर को विभिन्न नगरों में विभाजित किया गया है। जयपुर के 29 नगरों में आज पथ संचलन के कार्यक्रम हुए। केवल जयपुर शहर में कुल मिलाकर करीब 10 हजार स्वयंसेवकों ने पथसंचलन किया और समाज को अपनी एकता और अनुशासनबद्ध होने का संदेश दिया। जब नगरों के स्वयंसेवकों का पथ संचलन करते हुए मिलन होता है और फिर उनका अपने-अपने स्थानों के लिए आगे निकल पड़ना, बहुत ही मनोरम दृश्य बनाता है।
ऐसे ही आयोजन देश भर में आयोजित किये गये। नागपुर में सर संघचालक यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने देश के नाम संबोधन भी दिया।
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